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उत्तराखंड सरकार पर बिफरी एनजीटी, मांगा जवाब

Wed, 06 Jan 2016 11:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 06 Jan 2016 11:02 AM IST
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NGT asked uttarakhand government on pollution control.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उत्तराखंड सरकार को स्वच्छ गंगा के लिए दिए गए आदेश का उल्लंघन होने पर जमकर फटकार लगाई है। साथ ही सरकार से कहा है कि सरकार दो हफ्तों के भीतर ट्रिब्युनल को विस्तृत हलफनामा दाखिल कर बताए कि गंगा को लेकर 10 दिसंबर, 2015 को दिए गए फैसले का कितना पालन किया गया है।

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ग्रीन बेंच ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह हलफनामा सचिव स्तर से नीचे के अधिकारी का नहीं होना चाहिए। इसके अलावा ग्रीन बेंच ने हरिद्वार और उधम सिंह नगर में स्थित अवैध होटल और इंडस्ट्री को भी तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने  मंगलवार को एमसी मेहता के मामले की सुनवाई की। बेंच का यह आदेश हाल ही में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि नए वर्ष के मौके पर एनजीटी के आदेश का उल्लंघन कर ऋषिकेश में गंगा किनारे कैंपिंग गतिविधि की गई है।

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कैंपिंग गतिविधि हुई या नहीं, मांगा जवाब

NGT asked uttarakhand government on pollution control.

ग्रीन बेंच ने कहा कि हाल ही में मीडिया रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि ऋषिकेश में नदी किनारे प्रतिबंधित दायरे में राफ्टिंग कैंपिंग गतिविधि संचालित की जा रही है। वहीं राज्य सरकार और प्राधिकरण ग्रीन ट्रिब्युनल के फैसले का पालन नहीं कर रहे हैं।

लिहाजा सरकार और संबंधित प्राधिकरण इस संबंध में अलग से हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करें कि गंगा या उसकी सहायक नदियों के मध्य से तय 100 मीटर प्रतिबंधित दायरे में किसी तरह की कैंपिंग गतिविधि की गई है या नहीं।

उद्योग और अवैध होटलों को बंद करने का आदेश
एनजीटी ने उत्तराखंड सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि जिन अवैध होटल और ढाबों को क्लोजर नोटिस दिया जाना था उनका क्या हुआ? इस पर उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पेश एडवोकेट ने कहा कि 21 दिसंबर को इस संबंध में प्रशासन और निगम को पत्र जारी किया गया था।

इसमें 8 औद्योगिक इकाइयों और 3 होटलों को बंद करने के लिए कहा गया था। साथ ही तत्काल प्रभाव से इनकी बिजली-पानी की सप्लाई भी रोकने के लिए कहा गया था। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है।

इसके बाद बेंच ने आदेश दिया है कि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के डीएम व एसपी और निगम इन 8 इंडस्ट्री और 3 होटल को तत्काल बंद कराएं। साथ ही इस संबंध में पूर्ण व विस्तृत रिपोर्ट दो हफ्तों के भीतर पेश करें।

गोमुख से हरिद्वार तक के लिए दिया था आदेश
मालूम हो कि 10 दिसंबर को एनजीटी ने गंगा के पहले चरण का फैसला सुनाया था। इस फैसले में गोमुख से हरिद्वार तक गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए ट्रिब्यूनल ने कई अहम दिशा-निर्देश दिए थे। इस बीच सरकार के उदासीन होने और कई मीडिया रिपोर्ट में आदेश के उल्लंघन की खबरें प्रकाशित हुई हैं। इसे स्वत: संज्ञान लेते हुए ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अब सरकार से हलफनामा दाखिल कर जवाब देने को कहा है।

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