करवा चौथ का व्रत खुलवाने मायके आए बेरहम पति ने पत्नी को पहुंचाया मौत के द्वार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पति करवा चौथ का व्रत खुलवाने पत्नी के मायके आया और व्रत खुलवाने के बाद अगले दिन पत्नी की जान का दुश्मन बन गया। पति ने करवा चौथ के अगले दिन शराब के नशे में पत्नी का गला ब्लेड से रेत दिया।
परिजनों ने आनन फानन युवती को एलडी भट्ट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां युवती का इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपित पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आठ माह से मायके थी पत्नी
रामनगर निवासी युवती की शादी करीब चार साल पहले चासरी बिजनौर निवासी एक युवक से हुई थी। युवक हलवाई का काम करता है। दोनों का एक बेटा और एक बेटी है।
पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही है। जिसकी वजह से युवती आठ माह से मायके में थी। दोनों का केस महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष अमिता लोहनी के यहां चला।
15 दिन पहले दोनों के बीच फैसला हो गया और पति ने स्टाम्प पेपर पर लिखकर पत्नी को साथ ले जाने के लिए एक माह का समय मांगा था। पत्नी ने 27 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा था। पति ने ससुराल पहुंचकर व्रत खुलवाया। रविवार को वह ससुराल में ही रुक गया।
शराब के नशे में ससुराल पहुंचा
रविवार रात करीब आठ बजे पति नशे में ससुराल पहुंचा था। पत्नी ने उसे खाना दिया तो वह चिल्लाने लगा। देखते ही देखते उसने पत्नी का गला ब्लेड से रेत दिया।परिजनों ने महिला को रामनगर रोड स्थित एलडी भट्ट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर युवती की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
सोमवार को महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष अमिता अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी ली। साथ ही वह पीड़िता से तहरीर लिखवाकर ले गई। अमिता ने बताया कि उनके यहां दो काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच फैसला हुआ था। गला रेतने जैसा कृत्य अमानवीय है। पीरूमदारा पुलिस चौकी में आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।