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Uttarakhand News: नवनियुक्त शिक्षकों की पर्वतीय जिलों में नहीं दिलचस्पी, अब तक 14 शिक्षक दे चुके इस्तीफा

Thu, 21 Nov 2024 08:52 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 21 Nov 2024 08:52 AM IST
सार

पर्वतीय जिलों में शिक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद नवनियुक्त शिक्षक नौकरी छोड़ रहे हैं। पहाड़ के जिन जिलों में अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था। उन जिलों में आवेदन करने के बावजूद अभ्यर्थी नौकरी करने को तैयार नहीं।

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Newly appointed teachers are not interested in hilly districts leaving their jobs Uttarakhand news in hindi
शिक्षक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कोदो-झंगोरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे नारा 1990 के दशक में उत्तराखंड की स्थापना के लिए आंदोलन के दौरान प्रचलित था, राज्य आंदोलनकारियों के इस नारे और आंदोलन की बदौलत उत्तराखंड अलग पहाड़ी राज्य बना, लेकिन समय बीतने के साथ ही पहाड़ के युवाओं का पहाड़ के जिलों में नौकरी से लगाव कम होता जा रहा है।

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हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून आदि सुविधाजनक जिलों के लिए पर्वतीय जिलों में शिक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद नौकरी छोड़ रहे हैं। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 2,906 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक, चार चरणों में हुई काउंसलिंग के बाद 2,296 शिक्षकों का चयन किया जा चुका है।

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इसमें से अधिकतर को नियुक्तिपत्र दिए जा चुके हैं, जबकि अन्य पदों के लिए पांचवें चरण की काउंसलिंग होनी है, लेकिन पहाड़ के जिन जिलों में अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था। उन जिलों में आवेदन करने के बावजूद अभ्यर्थी नौकरी करने को तैयार नहीं, जो सुविधाजनक जिलों में आने के लिए पहाड़ के जिलों की नौकरी छोड़ रहे हैं।

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नौकरी छोड़ने वाले शिक्षकों की जानकारी मांगी
इससे विभाग में इन जिलों में शिक्षकों के पदों को भरने की चुनौती बनी है। अपर शिक्षा निदेशक आरएल आर्य के मुताबिक, शिक्षक भर्ती के लिए शिक्षा निदेशालय ने शिक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद नौकरी छोड़ने वाले शिक्षकों के बारे में सभी जिलों से सूचना मांगी है। सुविधाजनक जिलों में आने के लिए ये शिक्षक दूरस्थ पर्वतीय जिलों से नौकरी छोड़ रहे हैं।

शिक्षा निदेशालय से सूचना मांगने के बाद अब तक तीन जिलों ने शिक्षा निदेशालय को जो जानकारी भेजी है, उसके मुताबिक रुद्रप्रयाग जिले में छह और पौड़ी जिले के आठ नवनियुक्त शिक्षक नौकरी छोड़ चुके हैं। हालांकि, उत्तरकाशी जिले में इस तरह के शिक्षकों की संख्या शून्य है, जबकि अन्य जिलों से अभी इसकी सूचना आनी है।

शिक्षक भर्ती के कुछ शिक्षक पदभार ग्रहण करने के बाद पद से इस्तीफा दे रहे हैं। सुविधाजनक जिलों में आने के लिए वे यह सब कर रहे हैं। -आरएल आर्य, अपर शिक्षा निदेशक, शिक्षा निदेशालय

 

दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित 230 पद खाली

प्रदेश में होने वाली शिक्षक भर्ती में दिव्यांगजनों के लिए 260 पद आरक्षित हैं, लेकिन जिसमें से 230 पद खाली रह गए हैं।

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राज्य में बेरोजगारों की संख्या बढ़ी

राज्य में बेरोजगारों की संख्या इस साल 88 हजार के पार पहुंच चुकी है। सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या वर्ष 2019 में 8,03,887, 2020 में 7,78,077, 2021 में 8,07,722, 2022 में 8,79,061, 2023 में 8,82,508 थी, जो 2024 में बढ़कर 8,83,346 हो चुकी है।

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