New Year 2022: नए साल के स्वागत के लिए नैनीताल और मसूरी में सैलानियों का जमावड़ा, टिहरी में जश्न रहा फीका
मसूरी की माल रोड पर दिनभर पर्यटकों की चहलकदमी जारी रही। नैनीताल में भी पर्यटकों की रोनक देखने को मिली। दोपहर तक मसूरी और नैनीताल के अधिकांश होटल सैलानियों से पैक हो गए।
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नव वर्ष की पूर्व संध्या पर पहाड़ों की रानी मसूरी और सरोवर नगरी नैनीताल में सैलानियों का जमावड़ा लग गया है। यहां शुक्रवार सुबह से ही पर्यटकों का आना शुरू हो गया था। वहीं मसूरी की माल रोड पर दिनभर पर्यटकों की चहलकदमी जारी रही। नैनीताल में भी पर्यटकों की रोनक देखने को मिली। दोपहर तक मसूरी और नैनीताल के अधिकांश होटल सैलानियों से पैक हो गए।
नए साल के जश्न पर ओमिक्रॉन का साया पड़ने से पर्यटक खासे मायूस हैं। कोविड-19 की नई गाइड लाइन में लगाई गई बंदिशों के कारण टिहरी के पयर्टन स्थलों पर पहले जैसी चहल-पहल नहीं दिखी।
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हल्द्वानी-काठगोदाम रोड पर दिनभर लगता रहा जाम
वहीं पुलिस ने नैनीताल में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर से चार पांच किलोमीटर दूर रूसी बाईपास और नारायण नगर में स्थाई पार्किंग की व्यवस्था की है। जहां बाहर से आने वाले उन सभी वाहनों को पार्क कराया जा रहा हैं, जिन्होंने नैनीताल में होटलों में एडवांस बुकिंग नहीं की है।
देर शाम तक इन अस्थाई पार्किंग स्थलों में तीन सौ से ज्यादा सैलानियों के वाहन खड़े करा दिए गए थे। थर्टी फर्स्ट के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों का आवागमन अधिक होने के कारण हल्द्वानी-काठगोदाम रोड पर शुक्रवार को बार-बार जाम लगता रहा।
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रात दस बजे तक जश्न की अनुमति
राजधानी देहरादून में भी शाम तक सड़कों पर जाम की स्थिति नहीं दिखाई दी। ऐसा इसलिए क्योंकि मसूरी और धनोल्टी जाने वाले वाहनों को शहर के बाहर से निकाला जा रहा था। वहीं रात दस बजे तक जश्न की अनुमति की वजह से देहरादून में कई रेस्टोरेंट में नए साल के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
टिहरी झील में बोटिंग की, लेकिन होमस्टे और कैंपों में नहीं रुके पर्यटक
रात्रि कर्फ्यू और आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य करने के कारण कई पर्यटक नए साल का स्वागत करने के लिए टिहरी के हिल स्टेशन नहीं पहुंच पाए। जिससे पर्यटकों के साथ ही होटल व्यवसायियों में खासी उदासी देखी गई। हालांकि टिहरी झील में बोटिंग करने के लिए काफी सैलानी पहुंचे, लेकिन बंदिशों के कारण अधिकतर लोग वहां रुकने के बजाए अपने गंतव्य को लौट गए।
नए साल पर हिल स्टेशन अक्सर फुल रहते थे, लेकिन कोविड-19 के खतरे को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू और पर्यटकों के लिए आरटीपीसीआर की रिपोर्ट दिखाने की शर्त के कारण कई पर्यटक हिल स्टेशन नहीं पहुंच पाए। रिपोर्ट दिखाने के लिए प्रशासन ने बाकायदा सीमाओं पर बैरियर भी लगाए हुए हैं। जिससे सैकड़ों पर्यटकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
धनोल्टी होटल एसासिएशन के अध्यक्ष यशपाल सिंह बेलवाल ने बताया कि नए साल के स्वागत के लिए धनोल्टी और काणाताल क्षेत्र में करीब 80 फीसदी होटल एडवांस में बुक कराए गए थे। लेकिन नई गाइड लाइन के तहत रात्रि कर्फ्यू और बोन फायर जैसे आयोजनों पर बंदिशें लगाने से 20 फीसदी लोगों ने अपनी बुकिंग निरस्त कराई है। जबकि सीमा पर बैरियर लगा देने से भी सैकड़ों पर्यटकों को वापस लौटना पड़ा है।
बेलवाल ने बताया कि क्रिसमस पर धनोल्टी में काफी भीड़ थी, लेकिन नए साल के जश्न के लिए उम्मीद के मुताबिक चहल-पहल नहीं है। इससे होटल व्यवसायियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि टिहरी झील में बोटिंग करने वालों की खूब भीड़ रही।
बोट एसोसिएशन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने बताया कि 31 दिसंबर को कोटीकालोनी में दिनभर करीब 1200 से अधिक लोग बोटिंग करने पहुंचे। लेकिन आयोजनों पर बंदिशें लगा देने से पर्यटक होमस्टे और कैंप में नहीं रुके। उन्होंने बताया कि कई जोड़ों ने झील में प्री वेडिंग शूट करवाए। एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान ने कहा कि धनोल्टी आने वाले पर्यटकों की रैंडम चेकिंग की जा रही है।