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शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत बोले: बदलेंगे दृष्टिबाधित छात्रों के सहायक के मानक, पढ़िए अब क्या होंगे नए नियम

Mon, 11 Apr 2022 05:11 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 11 Apr 2022 05:11 PM IST
सार

दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए सहायक के मानकों में बदलाव होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऐसा इस वजह से किया गया है यदि सहायक समान कक्षा में होगा या फिर परीक्षा देने वाले छात्र-छात्रा से बड़ी कक्षा का होगा तो वह खुद ही प्रश्न के उत्तर लिखने लगेगा।

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New rules for visually impaired students in high school and intermediate examinations, Education Minister Dhan Singh Rawat informed
dhan singh rawat - फोटो : amarujala

विस्तार

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए सहायक के मानकों में बदलाव होगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इसमें जल्द ही जरूरी बदलाव किए जाएंगे। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए सहायक उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है।

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नियम यह है कि सहायक संबंधित छात्र या परीक्षा दे रही छात्रा से छोटी कक्षा का होगा। इतना ही नहीं उसके संबंधित कक्षा में 45 फीसदी से अधिक अंक नहीं होने चाहिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश एवं कुछ अन्य राज्यों में भी इसी तरह की व्यवस्था है। उत्तराखंड में यूपी के समय से ही यह व्यवस्था चली आ रही है।
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दृष्टि बाधित दिव्यांग छात्रों की मांग पर वह परीक्षा के दौरान सहायक रख सकते हैं। इसके अलावा परीक्षा के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऐसा इस वजह से किया गया है यदि सहायक समान कक्षा में होगा या फिर परीक्षा देने वाले छात्र-छात्रा से बड़ी कक्षा का होगा तो वह खुद ही प्रश्न के उत्तर लिखने लगेगा।
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दृष्टि बाधित छात्र को खुद लाना होता है सहायक 

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस समले पर कुछ अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें ऐसा किया जा सकता है कि दृष्टि बाधित छात्र-छात्रा किसी को भी अपनी सुविधा के अनुसार सहायक रख सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य बिंदुओं पर भी विचार किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को उनसे छोटी कक्षा और 45 फीसदी अंक वाले सहायक उपलब्ध कराए जाने की वर्तमान में जो व्यवस्था है उत्तराखंड में इस व्यवस्था में जरूरी बदलाव किया जाएगा। प्रदेश में दृष्टि बाधित छात्र-छात्रा को परीक्षा के दौरान सहायक खुद लेकर आना पड़ता है। दृष्टि बाधित दिव्यांग छात्र-छात्राओं को इस तरह के सहायक ढूंढ़ने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए सहायक को कोई मानदेय या मेहनताना नहीं दिया जाता।

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