उत्तराखंड में बनेगा संस्कृत हब, बहुत कुछ है खास
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान जल्द देवप्रयाग में नया परिसर स्थापित करने जा रहा है। लगभग तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह शैक्षिक केंद्र उत्तर भारत में अपनी तरह का पहला परिसर होगा।
इस केंद्र में 600 छात्र-छात्राएं छठी से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई निशुल्क कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार की तरफ से राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान को प्रस्ताव भेजा गया था। इससे पहले भी तीन-चार बैठकें हो चुकी थीं।
26 अक्तूबर को दिल्ली में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि देवप्रयाग में रघुनाथ कीर्ति आदर्श संस्कृत विद्यालय परिसर में यह केंद्र स्थापित होगा। यहां 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि केंद्र सरकार दूसरी जरूरतों के बारे में सर्वेक्षण करवा रही है और यह फाइनल फेज में है। इसके लिए धन का इंतजाम केंद्र सरकार ही करेगी। इस तरह संस्कृत शिक्षा विभाग के साथ मिलकर राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान यह अनूठा केंद्र बनाएगा।
छठी से लेकर पीएचडी तक पढ़ाई होगी मुफ्त
दिल्ली में हुई बैठक से लौटे संस्कृत शिक्षा विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी डॉ. आरके बहुगुणा ने बताया कि यह केंद्र जल्द हकीकत बनने जा रहा है। इसमें 300 छात्राएं और 300 छात्र अध्ययन कर सकेंगे। इनका भोजन, शिक्षा व आवास पूरी तरह निशुल्क होगा। यहां छठी से लेकर परास्नातक तक पढ़ाई होगी। बीएड व एमएड समेत रोजगारपरक शिक्षा की भी व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही जिज्ञासु छात्र पीएचडी (शोध) भी कर पाएंगे।
इनका है कहना
उत्तर भारत में अपनी तरह का यह पहला शैक्षिक परिसर देवप्रयाग में बनने जा रहा है। संस्कृत शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार संयुक्त रूप से इस पर काम कर रहे हैं। रघुनाथ कीर्ति आदर्श संस्कृत विद्यालय इसमें समन्वयक की भूमिका में रहेगा।
-डॉ. आरके बहुगुणा, डिप्टी सेक्रेटरी, संस्कृत शिक्षा विभाग