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नेपालियों ने गुपचुप बना लिए राशनकार्ड और आधार
ब्यूरो / अमर उजाला, रामनगर
Updated Tue, 31 Mar 2015 03:58 PM IST
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उत्तराखंड के रामनगर के छोई में वन विभाग की नर्सरी के पास रहने वाले नेपाली मूल के आठ परिवारों के राशन कार्ड और आधार कार्ड बन गए हैं।
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यह दोनों कार्ड आखिर नेपाली मूल के इन लोगों के कैसे और किन कागजात के आधार पर बने, यह जांच का विषय है। यह खुलासा सोमवार को तब हुआ जब कोतवाली पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने माओवादी, संदिग्धों की तलाश के लिए छोई और आसपास के जंगलों में कांबिंग कर वहां रह रहे लोगों से पूछताछ की।
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हालांकि कांबिंग में सब कुछ सामान्य मिला। सीओ मिथिलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पुलिस और खुफिया विभाग की टीम के साथ बेलगढ़, किशनपुर छोई, कंचनपुर छोई और खत्तों में माओवादी और संदिग्धों की तलाश में अभियान चलाया। उन्होंने ग्रामीणों से संबंधित सूचनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की बात कही।
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उन्होंने बताया कि खत्तों में बढ़ती जनसंख्या की भी जानकारी जुटाई गई। सीओ कुमार ने बताया कि छोई में वन विभाग की नर्सरी के पास रहने वाले नेपाली मूल के आठ परिवारों ने अपने राशन कार्ड, आधार कार्ड बना लिए हैं, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
इस दौरान टीम में एसएसआई मोहन चंद्र पांडे, एसआई प्रताप नेगी, केसी आर्या के साथ ही खुपिया विभाग के दरोगा सूरत सिंह चौहान, सीएल आर्या सहित भारी पुलिसबल मौजूद था।