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अब भारत और नेपाल मिलकर बचाएंगे बाघ, योजना का खाका तैयार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 18 May 2018 11:47 AM IST
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बाघों के संरक्षण के लिए नेपाल और भारत ने हाथ मिला लिए हैं। अब वन्य जीव तस्करों के लिए भारत नेपाल में वारदात अंजाम देकर बॉर्डर पार करना आसान नहीं होगा। नंधौर को भी इस संयुक्त अभियान का हिस्सा बना लिया गया है। 
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जियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ लंदन (जेडएसएल) के बैनर तले बृहस्पतिवार को वानिकी प्रशिक्षण अकादमी (एफटीआई) हल्द्वानी में दोनों देशों के वन अधिकारियों और एसएसबी के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में बाघों के संरक्षण के लिए दोनों देशों की संयुक्त योजना का खाका तैयार किया गया। वार्ता में नेपाल के  शुक्ला फाटा, बरदिया, बांके नेशनल पार्क से सटी नंधौर सेंचुरी, तराई पूर्वी के जंगल में वन्य जीवों की आवाजाही और संरक्षण, तस्करी की रोकथाम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। 

यह है योजना
1. इंडो-नेपाल कोऑर्डिनेशन के नाम से दोनों देशों के वन अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बना। इसमें वन्य जीवों के शिकार, तस्करी, वन्य जीवों की आवाजाही की सूचनाएं दी जाएंगी। 
2. भारत से हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल नोडल अधिकारी नामित।
3. माह में दो बार दोनों देशों के अधिकारी सीमा पर संयुक्त गश्त करेंगे। इसमें एसएसबी शामिल होगी।
4. बूम ब्रह्मदेव कॉरिडोर के लिए सर्वे किया जाएगा।
5. सड़क और ट्रेन हादसों को रोकने को दोनों देश एक दूसरे की नई तकनीकी को साझा करेंगे।
6. हर दो-तीन माह में ट्रांस बाउंड्री की बैठक होगी। अब जुलाई-अगस्त में भारत के अधिकारी नेपाल दौरा करेंगे
7. दोनों देशों के फील्ड स्टाफ रेंजर, वन दरोगा, गार्ड की भी संयुक्त बैठक होगी

ये रहे शामिल
नेपाल से : डॉ. दिल बहादुर पन, डॉ. मनोज शाह, डॉ. गोपाल घिमरी, राबिन चौधरी, बद्री विनोद दहल, गहेंद्र कुमार खड़का, नेत्र राज आचार्य, पुष्कर बहादुर सिंह, डॉ. भगवान राज दहल, पवन गौतम, प्रदीप राज जोशी, अनिल परसाई, पुष्पा पांडे
भारत से : एसएसबी कमांडेंट आरके त्रिपाठी, डॉ. कपिल जोशी, डॉ. पराग मधुकर धकाते, डॉ. हरीश गुलेरिया, चंद्रशेखर सनवाल, नीतिश मणि त्रिपाठी, कल्याणी नेगी आदि शामिल थे।

नंधौर सेंचुरी और कार्बेट का करेंगे भ्रमण
नेपाल के 13 सदस्यीय अधिकारियों का दल दो दिवसीय दौरे में बृहस्पतिवार को नंधौर सेंचुरी और शुक्रवार को जिम कार्बेट पार्क का भ्रमण कर बाघों के संरक्षण की तरकीब सीखेंगे। 

भारत नेपाल सीमा पर आवाजाही का वैध रास्ता एकमात्र बनबसा है। एसएसबी बॉर्डर पर गश्त के दौरान अक्सर मानव, हथियार, नशीले पदार्थ, वन उपज की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है। यदि वन अफसर संयुक्त गश्त करना चाहते है तो उनका सहयोग किया जाएगा।
- आरके त्रिपाठी, एसएसबी कमांडेंट आरके त्रिपाठी

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