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सत्यापन के नाम पर समाज कल्याण की लेटलतीफी, बुजुर्ग पेंशनर परेशान

Fri, 17 Nov 2017 06:26 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 17 Nov 2017 06:26 PM IST
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Negligence of social welfare in the name of verification
पेंशन - फोटो : demo pics

समाज कल्याण विभाग के बुजुर्ग पेंशनरों की परेशानी खत्म नहीं हो रही है। अक्सर बजट न मिलने की वजह से अटकने वाली बुजुर्गों की पेंशन इस बार आधार संबंधी सभी डिटेल अपडेट करने और डुप्लीकेसी के नाम पर करीब आठ महीने से जारी नहीं हो पाई है।

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विभाग ने इस बार कुछ लोगों की सिर्फ तीन महीने की पेंशन जारी की है। ऐसे में बड़ी संख्या में पेंशनर समाज कल्याण विभाग और बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। समाज कल्याण विभाग ने एक परिवार में दो-दो लोगों को पेंशन जाने को लेकर सत्यापन करा रहा है। इस दायरे में बड़ी संख्या में पेंशनर आ गए हैं।
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ऐसे में अपात्रों के अलावा पात्रों की पेंशन भी रुक गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार डिटेल अपडेट करने के बाद पात्रों की पेंशन जारी कर दी गई है। वहीं पेंशनरों का कहना है कि आधार कार्ड व अन्य जानकारी विभाग को एक नहीं बल्कि दो-तीन बार उपलब्ध करा चुके हैं, लेकिन पेंशन जारी करने में कोताही बरती जा रही है।
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 प्रेमनगर, चकराता क्षेत्र से आने वाले पेंशनरों को समाज कल्याण विभाग और बैंक तक आने के लिए पैसे उधार मांगने पड़ रहे हैं। इन क्षेत्र के लोगों का कहना है कि डिटेल अपडेट कराने के बावजूद पूरी पेंशन जारी नहीं की गई है।

 

आठ महीने की जगह ‌मिली तीन महीने की पेंशन

Negligence of social welfare in the name of verification
पेंशन

नंदा की चौकी के समीप रहने वाले 71 वर्षीय किशन लाल मेहता ने बताया कि विभाग ने आठ महीने की जगह तीन महीने की पेंशन खाते में भेजी है। पेंशन के लिए मार्च माह में बैंक खाता एसबीआई से शिफ्ट कर पीएनबी किया था क्योंकि एसबीआई के खाते में तीन हजार रुपये रखने की अनिवार्यता थी।

मार्च के बाद से कोई पेंशन नहीं आई और विभागीय अधिकारी भी कोई उचित जवाब भी नहीं दे रहे हैं। चकराता निवासी अंबादत्त डोभाल ने बताया कि तीन महीने से बुजुर्ग पेंशन नहीं आई है। चकराता से बार-बार समाज कल्याण विभाग पहुंचने तक के पैसे नहीं है। इसके बावजूद कोई उचित जवाब नहीं मिल रहा है।

अब किस पेंशनर की पेंशन क्यों रुकी है यह तो अलग-अलग चेक कराना पड़ेगा, लेकिन किसी पेंशनर की एक भी बार की पेंशन नहीं रुकनी चाहिए। मामले को दिखवाया जाएगा और सभी को पेंशन मिल जाए इस ओर ध्यान दिया जाएगा।
अनुराग शंखधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी

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