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टैंपो ड्राइवर के बेटे ने लिखी सफलता की इबारत, कड़ी मेहनत के बाद अब बनेगा डॉक्टर

Mon, 26 Jun 2017 03:38 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 26 Jun 2017 03:38 PM IST
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neet result 2017 success story of tampo driver son

टैंपो चालक के बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सफलता की इबारत ल‌िखी। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में चौथे प्रयास में संदीप सिंह रावत ने सफलता हासिल की। संदीप के पिता टैंपो चलाते हैं। किसी तरह उन्होंने बच्चे को पढ़ाया।

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शुक्रवार को जब संदीप ने नीट में 540 अंक हासिल किए तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। मूलरूप से टिहरी के बंचुरी गांव निवासी राजेंद्र सिंह रावत देहरादून के भानियावाला में किराए के मकान में रहते हैं। राजेंद्र डोईवाला से ऋषिकेश रूट पर टैंपो चलाते हैं।
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दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। बेटा संदीप सिंह रावत डॉक्टर बनना चाहता था लेकिन आर्थिक हालात साथ नहीं दे रहे थे। संदीप ने 81 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं पास करने के बाद वर्ष 2014 में 76.5 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की। 2014, 2015 और 2016 की नीट में उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई।
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हालांकि गत वर्ष पंतनगर विवि की प्रवेश परीक्षा पास कर वह वेटरेनरी में चुने गए थे लेकिन वहां सीट छोड़ दी। एक साल और तैयारी की। इस साल संदीप ने नीट में 720 में से 540 अंक हासिल किए हैं। उनके शिक्षक विपिन बलूनी ने बताया कि संदीप मेहनती था। उसकी इसी लगन ने आगे बढ़ाया है।

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