फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ND tiwari cremation on sunday at uttarakhand

रविवार को यहां होगा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी का अंतिम संस्कार

Fri, 19 Oct 2018 09:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 19 Oct 2018 09:08 AM IST
विज्ञापन
ND tiwari cremation on sunday at uttarakhand
एनडी तिवारी

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का बृहस्पतिवार दोपहर दिल्ली में साकेत के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। 

विज्ञापन


20 सिंतबर, 2017 को ब्रेन स्ट्रोक के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ब्रेन स्ट्रोक के इलाज के बाद उनकी फिजियोथैरेपी चल रही थी। कुछ दिन पहले अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा था।

काठगोदाम में रविवार को अंतिम संस्कार
बृहस्पतिवार देर रात उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के तिलक लेन आवास ले जाया गया, जहां शुक्रवार शाम तक लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शनिवार सुबह 11 बजे उनका पार्थिव शरीर लखनऊ और फिर रविवार सुबह काठगोदाम (उत्तराखंड) ले जाया जाएगा। यहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

विज्ञापन

88 की उम्र में उज्ज्वला शर्मा से की शादी

रोहित शेखर ने 2008 में दावा किया कि एनडी तिवारी उनके जैविक पिता हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर हुए डीएनए परीक्षण में रोहित का दावा सही साबित हुआ।

इस दौरान उन्होंने मीडिया से उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की। इसके बाद 2014 में उन्होंने 88 वर्ष की उम्र में रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा से लखनऊ में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी की। उनकी पहली पत्नी सुशीला सांवल की 1993 में मृत्यु हो गई थी।

राजनीतिक ही नहीं पूरा संस्थान थे एनडी तिवारी    

पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के निधन को एक युग की समाप्ति का अंत बताते हुए संत समाज सहित अन्य संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया है। 

समाजसेवी एवं शिक्षाविद यूसी जैन ने तिवारी के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि एनडी तिवारी चाहे केंद्र में मंत्री रहे हों या फिर यूपी और उत्तराखंड में मुख्यमंत्री। उन्होंने विकास को समर्पित अपनी सोच से विकास का नया अध्याय लिखा। वह कहते थे कि यदि सड़कें नहीं होंगी तो विकास नहीं हो सकेगा।

इसलिए जहां जहां भी उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र स्थापित की वहां पहले सड़कों का निर्माण किया। संत समाज की बैठक में महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, बाबा हठयोगी आदि ने नारायण दत्त तिवारी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि विकास का मार्ग तय करने में एनडी तिवारी की भूमिका अहम रही। 

विज्ञापन

पौड़ी से रहा एनडी तिवारी का लगाव 

विकास पुरुष नारायण दत्त तिवारी का पौड़ी से खासा लगाव रहा है। मुख्यमंत्री रहते उन्होंने पौड़ी में आयोजित समारोह में साढ़े चार करोड़ की लागत से बस अड्डे की घोषणा की थी।

पूर्व सभासद धर्मवीर सिंह रावत के मुताबिक वह ग्रीष्म उत्सव में पौड़ी आए थे। उन्होंने बस अड्डे के लिए ढाई करोड़ रुपये भी जारी किए, लेकिन बाद की सरकारों ने इस पर काम नहीं किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कामेश्वर राणा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी कई कार्यक्रमों में पौड़ी आए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed