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Uttarakhand: सहकारी संस्थाओं में परिवारवाद खत्म करने को बने राष्ट्रीय नीति, कैबिनेट मंत्री ने उठाया मुद्दा
Fri, 09 Sep 2022 12:41 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 09 Sep 2022 12:41 PM IST
सार
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्तराखंड में संचालित विभिन्न योजनाओं, शत प्रतिशत पैक्स कंप्यूटरीकरण, ब्याज मुक्त ऋण वितरण, विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ ही भविष्य की योजनाएं व सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण करने से 84 प्रतिशत पैक्स समितियां लाभ में आई हैं।
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धन सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारी संस्थाओं में परिवारवाद खत्म करने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाई जाएं। बृहस्पतिवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित देश भर के सहकारिता मंत्रियों के सम्मेलन में उन्होंने इस मुद्दे को उठाया।
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नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित सम्मेलन में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्तराखंड में संचालित विभिन्न योजनाओं, शत प्रतिशत पैक्स कंप्यूटरीकरण, ब्याज मुक्त ऋण वितरण, विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ ही भविष्य की योजनाएं व सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण करने से 84 प्रतिशत पैक्स समितियां लाभ में आई हैं। इससे पहले राज्य में 22 फीसदी पैक्स समितियां प्रॉफिट में थीं।
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डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3400 करोड़ की राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम परियोजना से प्रदेश के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के प्रयास किए हैं। प्रदेश में बद्री गाय के दूध से तैयार घी को अमेजन के माध्यम से 2500 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। योजना के तहत 15000 बकरी पालकों को 10-10 बकरियां मुफ्त देने के साथ ही हिमालयी गोट विलेज बनाए जा रहे हैं।
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मिशन मिल्ट को सहकारी समितियों के माध्यम चलाया जा रहा है। जिसमें झंगोरा, मंडुवा, लाल चावल, राजमा को किसानों से खरीद कर समितियां देश-विदेश में ऑनलाइन बेच रही हैं। गंगोत्री से गंगा जल देश-विदेश में श्रद्धालुओं के लिए भेजा जा रहा है। इसके अलावा मशरूम की खेती, सेब के नए बागान लगाए जा रहे हैं।
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उत्तराखंड सहकारी सिल्क फेडरेशन एक करोड़ के लाभांश में आ गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि पैक्स और किसान उत्पादक संघ एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम करें। दीर्घ कालीन ऋणों में कोलेक्टरल सिक्योरिटी की सीमा कम की जाए। सहकारिता विश्वविद्यालय का कैंपस प्रत्येक राज्य में खोला जाए। सम्मेलन में सहकारिता सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय, अपर निबंधक आनंद एडी शुक्ल मौजूद रहे।