देहरादून: हत्याकांड में सामने आया नेशनल प्लेयर का नाम, अपराध की दुनिया में चलता था पिता का 'सिक्का'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून में हुई बुजुर्ग की हत्या के मामले में एक और नई बात सामने आई है। अपराध की दुनिया से तौबा करने वाले यूपी के धर्मेन्द्र किरठल का बेटा अमन किरठल अब अपराध की डगर पर चल पड़ा है।
एक समय धर्मेन्द्र किरठल का पश्चिमी यूपी के अपराधियों में बड़ा नाम रहा। डोईवाला के मलकीत सिंह हत्याकांड में पुलिस को अब अमन की तलाश है। अमन वॉलीबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुका है। पुलिस एक-दो दिन में अमन तक पहुंचने का दावा कर रही है।
माधोवाला निवासी मलकीत सिंह की हत्या में पुलिस ने जिन छह युवकों की संलिप्तता बताई है, उनमें अमन किरठल निवासी बड़ौत भी शामिल है। अमन काफी समय से ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र में रहकर वॉलीबॉल की प्रेक्टिस करता रहा। देहरादून के महाराणा प्रताप स्टेडियम से भी अमन का जुड़ाव रहा है।
एसओजी टीम तमाम छह आरोपियों की जन्म कुंडली तैयार कर चुकी है। अब तक शुभम को छोड़कर अन्य के खिलाफ किसी तरह का आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल के मुताबिक जांच के दौरान ही पता चला कि अमन किरठल अपराध की दुनिया से लंबे समय से जुड़े रहे धर्मेन्द्र किरठल का बेटा है। अपराध की दुनिया को छोड़कर धर्मेन्द्र किरठल अब सामान्य जिंदगी जी रहा है।
एक मोबाइल नंबर से हत्यारों तक पहुंची पुलिस
मलकीत सिंह की हत्या और डकैती की वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। हत्यारोपियों ने ऐसा कोई साक्ष्य नहीं छोड़ा था, जिससे पुलिस उन तक पहुंच जाए। पुलिस मलकीत सिंह के काल डिटेल में आए नंबर से एक शख्स तक पहुंची थी। इसी शख्स ने हत्या की रात घर में युवती की मौजूदगी की पुष्टि की थी।
सामूहिक दुष्कर्म का शिकार युवती से पूछताछ के आधार पुलिस को तीन आरोपियों के हुलिए तो मिल गए थे, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी। प्रथम दृष्टया पुलिस हत्या की वारदात को अवैध रिश्तों और संपत्ति विवाद से जोड़कर चल रही थी।
इसी बीच एक मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ आया, जिसकी लोकेशन घटनास्थल से लेकर मेरठ तक नजर आई। घेराबंदी कर उसे उठाया गया तो हत्या से जुड़े हर शख्स का चेहरा बेनकाब होता चला गया।