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National Girl Child Day: दुनिया के लिए मिसाल बनीं देहरादून की कई बेटियां, मनवाया काबिलियत का लोहा 

Sun, 24 Jan 2021 12:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 24 Jan 2021 12:02 PM IST
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girl child day 2021: Many Girls of Dehradun set an example for world
राष्ट्रीय बालिका दिवस 2021 - फोटो : amar ujala

संगीत हो या खेल का मैदान, बेटियों ने हमेशा अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। देहरादून में भी कई ऐसी बेटियां हैं, जिन्होंने हर बाधा को पार कर यह साबित किया कि बेटियां किसी से कम नहीं। उनकी लगन आज औरों के लिए मिसाल बन चुकी है। नेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर पेश हैं दून की कुछ ऐसी बेटियों की प्रेरक कहानियां...

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स्वाति का वुमनिया बैंड मचा रहा धूम
संगीत से बेपनाह मोहब्बत करने वाली स्वाति सिंह को सरकारी नौकरी की बेड़ियां ज्यादा दिन नहीं रोक पाईं। उन्होंने नौकरी को अलविदा कहा और जुट गईं अपना ख्वाब पूरा करने में। उनके सपना वुमनिया बैंड के रूप में साकार हुआ। आज स्वाति का यह बैंड देशभर में धूम मचा रहा है।

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स्वाति के बैंड में पांच महिलाएं शामिल हैं। स्वाति ड्रम, ऑर्केस्ट्रा व अन्य इंस्ट्रूमेंट्स बजाती हैं। स्वाति ने बताया कि जब उन्होंने शुरू में म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा, तो लोगों ने सवाल उठाया कि लड़कियां कैसे बैंड में काम नहीं कर सकती हैं। स्वाति वर्तमान में देहरादून में सप्तक इंस्टीट्यूट परफॉर्मिंग आर्ट्स चला रही हैं। वे मूल रूप से उन्नाव (कानपुर) की रहने वाली हैं।

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आवाज का जादू बिखेर रहीं शिकायना 

कुछ करने की लगन और जज्बा हो तो कामयाबी जरूर मिलती है। इसे साबित किया है 15 साल की शिकायना मुखिया ने। शिकायना ने छोटी सी उम्र में स्टार प्लस में आने वाले शो लिटिल वॉयस इंडिया और सुपर स्टार सिंगर में हिस्सा लिया और अपनी अलग पहचान बनाई। शिकायना खिताब से महज एक कदम से चूक गईं।

इसी बीच शो में हिस्सा लेने के कारण स्कूल में उनकी उपस्थिति कम हो गई और प्रबंधन ने उन्हें स्कूल से निकाल दिया। लेकिन, शिकायना की काबिलियत से प्रभावित होकर उन्हें सिर्फ लड़कों के लिए संचालित कर्नल ब्राउन स्कूल में एडमिशन दिया गया। इस स्कूल में दाखिला लेने वाली वह पहली लड़की हैं।

बैडमिंटन में कुहू से उम्मीदें
बैडमिंटन में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिताब जीत चुकीं कुहू गर्ग खेल जगत का चमकता सितारा हैं। कुहू ने शानदार प्रदर्शन के दम पर पूरी दुनिया में नाम कमाया। आज कुहू का नाम देश के सर्वश्रेष्ठ युवा शटलरों में गिना जाता है। कुहू सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली उत्तराखंड की पहली और एकमात्र महिला शटलर हैं। कुहू ने मिक्स्ड डबल्स में आइसलैंड ओपन, हेलास ओपन समेत अनेकों अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम किए हैं। कुहू उत्तरखंड के डीजीपी अशोक कुमार की बेटी हैं।

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