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एक अक्टूबर से शुरू होगी राज्य खाद्य योजना
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 27 Sep 2015 09:59 AM IST
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के साथ एक अक्टूबर से उत्तराखंड में राज्य खाद्य योजना भी लागू होगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे में 61.94 लाख लोग आएंगे, बाकी 66 लाख लोगों को राज्य खाद्य योजना में शामिल किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत की घोषणा के बाद इस संबंध में शासनादेश जारी हो गया है। शासनादेश में उच्च वर्ग के राशन कार्ड धारकों की आय सत्यापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इन्हें राज्य खाद्य योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
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प्रमुख सचिव खाद्य एवं आपूर्ति राधा रतूड़ी की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि उच्च वर्ग की आबादी की आय आयकर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, वाणिज्यिक कर, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना उपलब्ध डाटा बेस की मदद से सत्यापित की जाए। इसके साथ ही राज्य खाद्य योजना के दायरे में आने वाले लोगों के राशन कार्ड का डिजिटिलाइजेशन किया जाएगा।
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शासनादेश मिलने के बाद विभागीय अधिकारी राज्य की खाद्य सुरक्षा योजना की तैयारी में जुट गए हैं। शासनादेश में राज्य खाद्य योजना के कार्डों का डिजिलिटाइजेशन प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इसमें एक-सवा साल लग जाएगा, लेकिन राशन सबको मिलेगा। राज्य खाद्य योजना में प्रति राशन कार्ड 15 किलो खाद्यान्न मिलेगा। इसमें 10 किलो चावल और 5 किलो गेहूं दिया जाएगा।
राज्य की योजना में उन्हीं लोगों को शामिल किया जाना है जिनकी आय पांच लाख रुपए सालाना से कम है। शासनादेश में कहा गया है कि जिन लोगों की आय पांच लाख रुपए सालाना या इससे अधिक है उन्हें राज्य खाद्य योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।