मोदी करेंगे उत्तराखंड के इन बालवीरों का सम्मान
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गर्व आज हमें इस बात पर करना चाहिए कि उत्तराखंड प्रदेश के दो बच्चे बहादुरी पुरस्कार के लिए चुने गए हैं। इन बच्चों को 24 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुरस्कृत करेंगे। इसके बाद ये गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेंगे।
पहली चमोली की मोनिका जिसने एक बच्चे को बचाने के लिए अलकनंदा में छलांग लगा दी और उसको बचाते हुए खुद जान दे दी। दूसरा ऋषिकेश का लाभांशु जिसने नहर में डूबते दो सैलानियों को बचाया।
शर्म हमें इस बात पर करना चाहिए कि मौत के ये मुहाने आज भी खुले हुए हैं। जहां मोनिका की जान गई, वहां आज भी पहले जैसा ही खतरा बरकरार है तो जहां लाभांशु ने जान की बाजी लगाई, वो जानलेवा जगह आज भी जस की तस है।
यानी डूब मरने के रास्ते बंद नहीं हुए हैं और शासन-सत्ता में बैठे जिम्मेदार लोगों के शर्म से डूब मरने के भी।
बच्चे को बचाने में मोनिका ने की जान कुर्बान
चमोली जिले के कर्णप्रयाग ब्लाक के कालेश्वर गांव की वीर बाला मोनिका को मरणोपरांत राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
16 जून 2014 को चंद्रमोहन सिंह रावत की 17 वर्षीय इस बेटी ने गांव के ही 12 वर्षीय साहिल को डूबने से बचाने को अलकनंदा में छलांग लगा दी थी।
साहिल पानी लेने नदी तट पर गया था। साहिल को तो वह निकाल लाई, लेकिन खुद नदी की लहरों के साथ गुम हो गई। मोनिका राजकीय इंटर कॉलेज लंगासू में 11वीं कक्षा की छात्रा थी।
पुरस्कार लेने के लिए गांव के प्रधान हरीश चौहान और मोनिका के दादा बलवंत सिंह गुरुवार शाम को दिल्ली पहुंच गए हैं।
लाभांशु ने दो लोगों को डूबने से बचाया
तीर्थनगरी ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर निवासी लाभांशु शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों वीरता पुरस्कार हासिल करने के लिए परिवार के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं।
लाभांशु शर्मा ने शक्ति नहर में डूब रहे दिल्ली के दो पर्यटकों को जान की बाजी लगाकर बचाया था। राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेलडी हरिद्वार में कक्षा 10 के छात्र कुश्तीबाज लाभांशु के पिता सेना से सेवानिवृत हैं। मां आरती शर्मा दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर है। लाभांशु को उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।