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खोई बेटी को हाथों में सर्टिफिकेट देख, म्यामांर में गूंजा जय हिंद
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 28 Feb 2016 12:27 PM IST
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बेटियां चाहे किसी की भी हों, लेकिन हम भारतवासी अपने-पराये का भेद भूल उन्हें किस तरह सम्मान और अपनापन देते हैं, यह देखकर म्यांमार के लोग भाव विभोर हो गए।
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तस्करों के हाथ लगने की खबर पाकर जिस बेटी को दोबारा देखने की उम्मीद ने दम तोड़ दिया था, उसी को मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ फैशन डिजाइनिंग का सर्टिफिकेट देख म्यांमार के लोगों के मुंह से बेसाख्ता जय हिंद निकल पड़ा। इसके बाद अपर सचिव समाज कल्याण मनोज चंद्रन के वॉट्स एप पर जय हिंद के मैसेज की बौछार होने लगी।
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म्यांमार की इस लड़की को रुड़की पुलिस ने छह महीने पहले नारी निकेतन भेजा था। मानव तस्कर इस लड़की को म्यांमार से पकड़कर लाए थे। शुरुआत में खौफजदा रहने वाली इस बच्ची को जब दुलार मिला, तो वह न केवल बेखौफ हुई, बल्कि उसमें आत्मविश्वास जगा और दिल लगाकर पढ़ने लगी।
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मुख्यमंत्री के साथ सर्टिफिकेट लिए देख इस लड़की के घरवाले, गांववाले और आसपास के क्षेत्रों के लोग भारत का जयकारा लगा ही रहे थे, म्यांमार का मीडिया भी भारतीय मानवता का मुरीद हो गया। सोशल साइट्स पर लोगों ने उत्तराखंड और देशवासियों को नमन किया।
नारी निकेतन में संवासिनी को सिर्फ मानव तस्करी करने वाले दैत्यों से सुरक्षा और सिर छिपाने का ठौर नहीं दिया गया, बल्कि व्यावसायिक कोर्स कराकर उस लड़की को अपने पैरों पर खड़ा करा दिया गया।
बता दें कि मूक-बधिर संवासिनी प्रकरण का खुलासा होने के बाद नारी निकेतन में व्यवस्था सुधार के लिए अमर उजाला मुहिम ने शुरू की थी। उसके बाद नारी निके तन की संवासिनियों को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए प्रशिक्षण शुरू किया गया। प्रशिक्षण पाने वालों में म्यांमार की यह लड़की भी थी।