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मोदी की रैली कराएगी गर्मी का अहसास
अनूप वाजपेयी, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 11 Nov 2013 08:44 AM IST
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उत्तराखंड में ठंड बढ़ने के साथ ही राजनीतिक गर्मी भी बढ़ गई है। एक ओर प्रदेश में 15 दिसंबर को प्रस्तावित मोदी की रैली में अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक भीड़ जुटाने की तैयारी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के पसीने निकालेगी। वहीं, मोदी की सुरक्षा के तामझाम को लेकर राज्य सरकार को भी पसीना बहाना होगा।
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गृह विभाग सतर्क
एक साथ राजधानी में डेढ़ से दो लाख लोग जुटाने का भाजपा का संकल्प न सिर्फ कांग्रेस पार्टी बल्कि सरकार की मुश्किलें भी बढ़ाएगा। गृह विभाग ने प्रदेश भाजपा को रैली के लिए कम से कम 25 दिन पहले सूचित करने को कहा है ताकि सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा सकें। देहरादून में होने वाली मोदी की रैली से काफी पहले यहां की खुफिया एजेंसी और पुलिस को अतिरिक्त चौकस रहना होगा।
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पटना रैली के चलते सुरक्षा टाइट
इसकी वजह है पटना रैली में ब्लास्ट के बाद सामने आए आतंकी नेटवर्क के इनपुट। इस ब्लास्ट में आतंकी संगठनों के इरादों के खुलासे को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से मोदी का सुरक्षा कवच मजबूत भी किया गया है। ऐसे में प्रदेश की पुलिस और प्रशासन को न सिर्फ मोदी की सुरक्षा का जिम्मा संभालना है बल्कि रैली में आने वालों के साथ-साथ शहर की सुरक्षा की संवेदनशीलता को भी देखना होगा।
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कैसे जुटेंगे दो लाख लोग
शहर के बीचोंबीच परेड ग्राउंड में होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए उत्तराखंड भाजपा जबरदस्त तैयारी कर रही है। जानकारों का कहना है कि अगर आयोजन स्थल परेड ग्राउंड ठसाठस भर दिया जाए तो भी यहां एक लाख से अधिक लोग नहीं आ सकते। ऐसे में सवाल यह है कि अगर भाजपा अपने दावे के अनुसार डेढ़ से दो लाख की भीड़ जुटा भी ले तो आयोजन स्थल के अलावा अतिरिक्त एक लाख लोग कहां जमा होंगे।
39 विस क्षेत्रों पर फोकस
भाजपा यूं तो पूरे प्रदेश से लोगों को लाने की व्यवस्था कर रही है लेकिन पार्टी का फोकस मैदानी इलाकों समेत 39 विधानसभा क्षेत्रों पर है। रैली में भाग लेने के लिए अधिक लोग बसों और निजी वाहनों से आएंगे। ऐसे में पहले से भीड़ भरी राजधानी में इतने वाहनों की पार्किंग और शहर यातायात व्यवस्था चरमराएगी।