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RSS प्रमुख बोले, घिरे हुए अभिमन्यु हैं मोदी

Sat, 29 Nov 2014 03:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 29 Nov 2014 03:53 PM IST
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narendra modi is like abhimanyu, says rss chief.

सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि देश में सत्ता परिवर्तन तो हुआ है लेकिन अभी अंग्रेजों का बनाया तंत्र बदलना बाकी है। उन्होंने मोदी को अभिमन्यु की भूमिका में बताते हुए कहा कि वह समस्याओं से घिरे हुए हैं।

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इनसे पार पाने के लिए उन्हें समाज के सहयोग की जरूरत है। तभी वह देश के तंत्र को बदलने में कामयाब होंगे।

पतंजलि योगपीठ में आयोजित आरएसएस के तीन दिवसीय नवसृजन शिविर में भाग लेने के लिए मोहन भागवत शुक्रवार सुबह हरिद्वार पहुंचे। दोपहर में उन्होंने कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में यती सम्राट स्वामी प्रकाशानंद महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया।
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शाम को परमार्थ आश्रम में सर संघचालक ने हरिद्वार के प्रमुख संतों के साथ बैठक की। इसमें भागवत ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश में विश्वास ढहने की प्रक्रिया थम गई है। शाम सवा छह बजे पतंजलि योगपीठ के फेज-2 में उत्तरांचल प्रांत के नवसृजन शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से पांच हजार युवा प्रतिभाग कर रहे हैं।

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'ह‌िंदुओं की सरकार में मंद‌िरों का अध‌िग्रहण दुर्भाग्य'

narendra modi is like abhimanyu, says rss chief.

कालिकापीठाधीश्वर महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने जगद्गुरु आश्रम के प्रांगण में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि मठ-मंदिरों का अधिग्रहण कदापि नहीं होने दिया जाएगा। केंद्र में हिंदुओं की सरकार आने के बाद भी यदि मंदिरों का अधिग्रहण होता है तो यह दुर्भाग्य का विषय है। इस संबंध में संघ प्रमुख से शिकायत की गई है।

अवधूत ने कहा कि दुर्भाग्य से केवल हिंदू स्थलों को अधिग्रहित करने अथवा सरकारी हस्तक्षेप शुरू करने का प्रचलन चल पड़ा है। अन्य धर्मों को छेड़ने की हिम्मत भी कोई नेता नहीं करता। धार्मिक स्थलों का संचालन भक्त द्वारा दिए गए दान से होता है। कष्ट का विषय है कि जिन धर्म स्थलों पर वेदों का पठन-पाठन किया जा रहा है, वे धर्मस्थल सरकारों को फूटी आंख नहीं सुहाते।

पीएम से मिलेंगे संत
कालीकापीठाधीश्वर ने कहा कि जिन नरेंद्र मोदी को हिंदुओं ने सर्वोच्च कुर्सी सौंपी है, उनके राज में भी यदि ऐसा होगा तो अनर्थ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संतों का एक प्रतिनिधि मंडल खुद प्रधानमंत्री से भी भेंट करेगा। आश्रम, मठ, अखाड़े क्या हैं, यह बात सर संघ चालक भली-भांति जानते हैं। भाजपा सरकार आने के बाद अब मठ-मंदिरों का अधिग्रहण तुरंत रुक जाना चाहिए।

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