{"_id":"6116174f8ebc3e6ead3456e0","slug":"nanakmatta-gurudwara-controversy-resignation-of-all-three-members-rejected-will-do-religious-service-for-15-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"नानकमत्ता गुरुद्वारा विवाद: तीनों पदाधिकारियों के इस्तीफे नामंजूर, 15 दिन करेंगे धार्मिक सेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नानकमत्ता गुरुद्वारा विवाद: तीनों पदाधिकारियों के इस्तीफे नामंजूर, 15 दिन करेंगे धार्मिक सेवा
Fri, 13 Aug 2021 12:29 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, नानकमत्ता
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, नानकमत्ता
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 13 Aug 2021 12:29 PM IST
सार
गौरतलब है कि 24 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नानकमत्ता साहिब आए थे। उनके आगमन पर पर्यटन व संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित स्वागत गीत में बालिकाओं ने गुरुद्वारा परिसर में बने टिनशेड के नीचे नृत्य पेश किया था। श्री दरबार साहिब में शोर होने के चलते ग्रंथी को कथा भी रोकनी पड़ी थी।
विज्ञापन
नानकमत्ता साहिब
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब के प्रधान सेवा सिंह, कार्यवाहक महासचिव धन्ना सिंह और धार्मिक डेरा कारसेवा के जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए।
विज्ञापन
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिबान ने तीनों के इस्तीफे अस्वीकार करते हुए तीनों को 15 दिन धार्मिक सेवा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आगमन पर गुरुद्वारा परिसर में धर्म विरुद्ध कार्य करने के मामले में यह पेशी हुई।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 24 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नानकमत्ता साहिब आए थे। उनके आगमन पर पर्यटन व संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित स्वागत गीत में बालिकाओं ने गुरुद्वारा परिसर में बने टिनशेड के नीचे नृत्य पेश किया था। श्री दरबार साहिब में शोर होने के चलते ग्रंथी को कथा भी रोकनी पड़ी थी।
विज्ञापन
डेरा कारसेवा में क्षेत्रीय विधायक प्रेम सिंह राणा की ओर से मुख्यमंत्री को मुकुट भी पहनाया गया था, जो सिख पंथ की मर्यादा के विरुद्ध था। इसे लेकर संगत में भारी रोष था। संगत ने मर्यादा विरुद्ध कार्य करने की शिकायत श्री अकाल तख्त साहिब से की थी। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी भेजी थी। संगत के आक्रोश को देखते हुए तीनों पदाधिकारियों ने श्री अकाल तख्त साहिब को अपना इस्तीफा भेज दिया था।
बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सेवा सिंह, कार्यवाहक महासचिव धन्ना सिंह तथा धार्मिक डेरा कार सेवा के जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के सामने पेश हुए।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिबान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पदाधिकारियों के इस्तीफे अस्वीकार करते हुए भूल सुधार के लिए कमेटी के प्रधान, कार्यवाहक महासचिव और धार्मिक डेरा कारसेवा के जत्थेदार को 15 दिन तक धार्मिक सेवा करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 15 दिन बाद कड़ा प्रसाद करवाकर ग्रंथी सिंह से अरदास कराई जाएगी।