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उत्तराखंड विधानसभा में नेम प्लेट अब संस्कृत में...

Thu, 20 Apr 2017 03:45 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 20 Apr 2017 03:45 PM IST
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name plate on sanskrit in uttarakhand assembly
prem chandra agarwal - फोटो : amar ujala
उत्तराखंड विधानसभा में बहुत जल्द मंत्रियों की नाम पट्टिकाएं संस्कृत भाषा में भी होंगी। विधानसभा अध्यक्ष और सचिव के नाम की पट्टिकाओं से इसकी शुरुआत हो चुकी है।
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सभी अधिकारियों की नाम पट्टिकाएं संस्कृत में कर दी गई हैं। मंत्रियों की पट्टिकाएं संस्कृत में करने के लिए सचिव विधानसभा ने सचिवालय प्रशासन विभाग को पत्र लिखा है।
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बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानमंडल भवन में आसीन सभी महानुभावों और अधिकारियों-कर्मियों की नाम पट्टिकाएं हिंदी के साथ संस्कृत में करने के आदेश दिए थे। उनके आदेश पर अमल शुरू हो गया है। स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और सचिव की नाम पट्टिकाएं संस्कृत में की गई हैं।
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विस सचिवालय के अफसरों की नाम पट्टिकाएं भी बदल दी गई हैं। मंत्रियों की नाम पट्टिकाएं अभी नहीं बदली हैं। इस संबंध में सचिव विधानसभा जगदीश चंद्र ने बताया कि अध्यक्ष की ओर से शासन को इस संबंध में पत्र भेज दिया गया है। सचिवालय प्रशासन विभाग मंत्रियों की नाम पट्टिकाओं के बदलने का काम करेगा।
 

संस्कृत में ली थी शपथ

name plate on sanskrit in uttarakhand assembly
prem chandra agarwal - फोटो : file photo

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने विधान सभा सदस्य की शपथ संस्कृत में ली थी। हालांकि बाद में उन्होंने प्रोटेम स्पीकर के चैंबर में दोबारा हिंदी में शपथ ग्रहण की थी।

इसकी वजह राजभाषा अधिनियम है जिसमें शपथ ग्रहण करने को लेकर अधिसूचना जारी नहीं हुई है। अधिनियम के तहत नाम पट्टिकाओं और हरिद्वार-ऋषिकेश को संस्कृत नगरी के तौर पर अधिसूचित किया गया है। अधिनियम के प्रावधान के तहत स्पीकर ने नाम पट्टिकाएं बदलने के निर्देश दिए थे।

राजभाषा अधिनियम में संशोधन की तैयारी
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो शासन स्तर पर राजभाषा अधिनियम में कतिपय संशोधन किए जाने की तैयारी है। प्रदेश में संस्कृत को दूसरी राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। मौजूदा सरकार संस्कृत को बढ़ावा देना चाहती है। इसके लिए संस्कृत के प्रयोग को संवैधानिक जामा पहनाने के लिए इसके अधिनियम में संशोधन हो सकता है।

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