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भड़काऊ भाषण: नैनीताल हाईकोर्ट ने दिए निर्देश, कहा- धर्मसंसद मामले में 25 जनवरी तक स्थिति स्पष्ट करे सरकार
Sat, 22 Jan 2022 10:09 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 22 Jan 2022 10:09 AM IST
सार
17 से 19 दिसंबर तक हुई धर्म संसद में दिए गए भड़काऊ भाषण मामले में शहर कोतवाली में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ 22 दिसंबर को पहला मुकदमा दर्ज हुआ था।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार में धर्म संसद के नाम पर साधु-संतों के भड़काऊ भाषण देने के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को 25 जनवरी तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति एनएस धानिक की एकलपीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामी प्रबोधानंद गिरि की याचिका पर सुनवाई हुई। स्वामी प्रबोधानंद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
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ज्वालापुर हरिद्वार निवासी नदीम अली ने हरिद्वार कोतवाली में दो जनवरी 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी कि साधु संतों ने 17 से 19 दिसंबर तक हरिद्वार में धर्म संसद का आयोजन किया था। धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आह्वान किया गया। आरोप था कि समुदाय विशेष की आस्थाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। मामले में पुलिस ने नरसिंहानंद गिरि, सागर सिंधु महाराज, धर्मदास महाराज, परमानंद महाराज, साध्वी अन्नपूर्णा, स्वामी आनंद स्वरूप, अश्वनी उपाध्याय, सुरेश चव्हाण और स्वामी प्रबोधानंद गिरि के खिलाफ धर्म संसद के नाम पर भड़काऊ भाषण देने पर आईपीसी की धारा 153, 295 तहत मुकदमा दर्ज किया था।
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धर्म संसद मामले में कब क्या हुआ
17 से 19 दिसंबर तक हुई धर्म संसद में दिए गए भड़काऊ भाषण मामले में शहर कोतवाली में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ 22 दिसंबर को पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद मामले की जांच करते हुए पुलिस ने चार संतों को भी इस मामले में नामजद किया गया था।
भड़काऊ भाषण मामले में आठ जनवरी को भी वसीम रिजवी के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 13 जनवरी को वसीम रिजवी को गिरफ्तार किया था। वहीं गाजियाबाद के डासना स्थित देवी मंदिर के महंत व जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद को भी पुलिस ने 15 जनवरी को महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया था। भड़काऊ भाषण मामले में दो बार वसीम रिजवी की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। वहीं यति नरसिंहानंद की जमानत अर्जी भी दो बार खारिज हो चुकी है।