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ऋषिकेश: विजिलेंस टीम ने नायब तहसीलदार को घूस लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Tue, 30 Oct 2018 02:54 PM IST
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पेड़ कटान के मामले की जांच को रफादफा करने के लिए ग्राम प्रधान से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते नायब तहसीलदार को विजिलेंस टीम ने मंगलवार को एक आश्रम से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। हिरासत में लेने के बाद नायब तहसीलदार, ऋषिकेश मुन्ना सिंह चौहान को उसके कार्यालय लाया गया। यहां करीब एक घंटे बंद कमरे में विजिलेंस टीम ने पूछताछ की और दस्तावेज खंगाले। साथ ही विजिलेंस की एक टीम ने विकासनगर क्षेत्र के रसूलपुर गांव स्थित उसके घर में भी तलाशी ली।
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मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी को देहरादून में स्पेशल जज विजिलेंस राजेश कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रायवाला की ग्राम प्रधान राखी गिरि ने 27 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता को शिकायती पत्र सौंपा था। ग्राम प्रधान के मुताबिक 14 अक्तूबर 2014 ग्राम पंचायत रायवाला की खुली बैठक में पंचायत भवन परिसर में मौजूद यूकोलिप्टस के 49 पेड़ों को कटवाने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
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बताया गया था कि इन पेड़ों से पंचायत भवन को खतरा है। यह भी तय हुआ कि पेड़ों से प्राप्त राजस्व को विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। ग्राम प्रधान रायवाला राखी गिरि का दावा है कि पेड़ों की नीलामी से प्राप्त राशि को उन्होंने ग्राम पंचायत के बैंक खाते में जमा करा दिया था।
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ग्राम प्रधान के मुताबिक उपप्रधान कैलाश भट्ट ने पेड़ों की कटाई व नीलामी के खिलाफ शिकायती पत्र सीडीओ देहरादून को भेजा था। जांच में ग्राम प्रधान के विरुद्ध कोई तथ्य नहीं पाया गया। इस बीच 12 अक्तूबर 2018 को ग्राम प्रधान तहसील ऋषिकेश किसी काम से गई थीं। वहां उसे नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान मिले और बताया कि पेड़ों के मामले में उनके विरुद्ध उप प्रधान कैलाश भट्ट ने शिकायती पत्र जिलाधिकारी को दिया है।
उसकी जांच वह खुद कर रहे हैं। ग्राम प्रधान का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने कहा कि जांच के बाद साढ़े चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे बचने के लिए उसने 50 से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
नायब तहसीलदार के पैतृक आवास पर भी छापेमारी
ऋषिकेश में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान के घर पर भी विजिलेंस ने तलाशी ली। उसके घर से संपत्ति संबंधी कागजातों और बैंक खातों की पासबुक आदि को कब्जे में लिया गया। हालांकि, वहां कैश या सोना-चांदी आदि नहीं मिला है। इधर, विजिलेंस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मंगलवार को चौहान की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की एक टीम विकासनगर क्षेत्र के रसूलपुर गांव स्थित उसके घर भी पहुंची थी। एसपी विजिलेंस प्रमोद कुमार ने बताया कि उसके घर की गहन तलाशी ली गई है। घर में मौजूद बैंक पास बुक और संपत्ति संबंधी कागजात जांच करने के बाद उन्हें कब्जे में लिया गया है। हालांकि, यह जांच में शामिल करने योग्य नहीं हैं।
आरोपी और उसके संबंधियों से पूछताछ में पता चला है कि उसकी कहीं और अचल संपत्ति नहीं है। इसके बाद मंगलवार शाम को उसे स्पेशल जज विजिलेंस राजेश कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अदालत में सभी प्रकार के प्राथमिक साक्ष्यों को भी प्रस्तुत किया गया। वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मंगलवार को चौहान की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की एक टीम विकासनगर क्षेत्र के रसूलपुर गांव स्थित उसके घर भी पहुंची थी। एसपी विजिलेंस प्रमोद कुमार ने बताया कि उसके घर की गहन तलाशी ली गई है। घर में मौजूद बैंक पास बुक और संपत्ति संबंधी कागजात जांच करने के बाद उन्हें कब्जे में लिया गया है। हालांकि, यह जांच में शामिल करने योग्य नहीं हैं।
आरोपी और उसके संबंधियों से पूछताछ में पता चला है कि उसकी कहीं और अचल संपत्ति नहीं है। इसके बाद मंगलवार शाम को उसे स्पेशल जज विजिलेंस राजेश कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अदालत में सभी प्रकार के प्राथमिक साक्ष्यों को भी प्रस्तुत किया गया। वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।