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पारित प्रस्ताव भी पलट दिए निगम अफसरों ने
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 19 Nov 2013 10:27 PM IST
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बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्तावों को निगम के ही अधिकारी ठेंगे पर रखते हैं। नगर निगम बोर्ड की बैठक में दो लाख रुपये तक के जिन कार्यों को कोटेशन से कराने का प्रस्ताव पास हुआ था अफसरों ने उसे दरकिनार करते हुए टेंडर आमंत्रित कर लिए। इस प्रक्रिया से पार्षदों में गुस्सा है। वे अब आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
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शहर के कई वार्डों की हालत खराब है। कुछ माह पूर्व प्रत्येक वार्ड के लिए दो-दो लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। इस बीच गत बोर्ड बैठक में तय किया गया कि हर वार्ड में अब दो लाख रुपये तक के काम टेंडर प्रक्रिया से नहीं होंगे। क्योंकि उसमें समय बहुत लगता है और पिछले बहुत दिनों से क्षेत्रों में काम भी नहीं हुआ है। इसके तहत गलियों और नालियों की मरम्मत आदि होनी थी। यह काम न होने से जनता भी नाराज थी। ऐसे में सदन में दो लाख रुपये तक के कामों को कोटेशन से कराने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई।
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इस बीच शनिवार को पार्षदों को पता चला कि निगम के अधिकारियों ने दो लाख तक के इन कार्यों के लिए आठ दिसंबर को टेंडर आमंत्रित कर लिए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस पार्षद विनय कोहली का कहना है कि यह तो बोर्ड का अपमान है। अधिकारियों को पता होना चाहिए कि प्रस्ताव पास होने के बाद वे उसे बदल नहीं सकते।
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उधर मेयर विनोद चमोली ने बताया कि यह प्रस्ताव वहां के लिए लाया गया था जिन वार्डों में तुरंत काम होना है। पॉलिसी के तहत एक लाख रुपये तक के काम ही कोटेशन से हो सकते हैं।