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उत्तराखंड को नाबार्ड देगा 12 हजार करोड़ का कर्ज
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 30 Jan 2014 01:42 PM IST
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राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने उत्तराखंड में 12 हजार करोड़ रुपए की ऋण संभावना का आकलन किया है।
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16-17 जून की आपदा से हुए नुकसान के बावजूद यह पिछले साल की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। वन एवं ग्राम्य विकास आयुक्त बीपी पांडे ने कहा कि बैंकों और अन्य संस्थाओं को कर्ज बांटने के टार्गेट की बजाय परिणाम पर फोकस करना चाहिए।
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कृषि और उद्योग के लिए पर्याप्त संभावना
बुधवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित सेमीनार में नाबार्ड ने स्टेट फोकस पेपर 2014-15 जारी किया। स्टेट फोकस पेपर के मुताबिक प्रदेश में आपदा के बावजूद कृषि और उद्योग के लिए पर्याप्त संभावना है।
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कृषि क्षेत्र में प्रदेश में विभिन्न योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास आदि के लिए 12726.83 करोड़ रुपए का कर्ज दिया जा सकता है। इसमें फसली ऋण 4295.55 करोड़ रुपए और टर्म लोन 1739.21 करोड़ रुपए की संभावना है।
वन एवं ग्राम्य विकास आयुक्त बीपी पांडे ने कहा कि सिर्फ पैसे उपलब्ध करा देने से काम नहीं चलेगा। विकास कार्य से जुड़ी संस्थाओं को परिणाम पर फोकस करना चाहिए।
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नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक एस सेल्वराज ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सभी संस्थाओं का एकजुट होकर काम करना होगा। सेमीनार में विभिन्न बैंकों और संस्थाओं के अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल थे।
लघु एवं मध्यम उद्योगों में भी है पर्याप्त क्षमता
फोकस पेपर के मुताबिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य क्षेत्रों में 2570 करोड़ रुपए की ऋण संभावना है। साफ है कि आपदा के बाद इस क्षेत्र के फिर से उठ खड़े होने की पूरी संभावना मौजूद है।
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नाबार्ड के मुताबिक इन क्षेत्रों की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए जरूरी है कि लाभार्थियों की क्षमता का भरपूर उपयोग करने का रास्ता बनाया जाए।