फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   mystery of laatu devta temple in uttarakhand.

ऐसा मंदिर जहां भगवान को देखना मना है...

Thu, 07 May 2015 08:28 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देवाल
ब्यूरो / अमर उजाला, देवाल Updated Thu, 07 May 2015 08:28 AM IST
विज्ञापन
mystery of laatu devta temple in uttarakhand.

बैसाख पूर्णिमा पर उत्तराखंड के देवाल में स्थित लाटू देवता धाम के कपाट अपराह्न तीन बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

विज्ञापन


इस दौरान मंदिर को लाल चुनरियों से ढक दिया गया था। कपाट खुलने पर पुजारी खीम सिंह ने चेहरे को ढककर लाटू देवता के मंदिर में प्रवेश किया। करीब 10 मिनट तक मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद पुजारी बाहर आए।

इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंदिर परिसर में पहुंचकर करीब आधे घंटे तक पूजा अर्चना की। इससे पूर्व महिला मंगल दलों की कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और लाटू देवता के जागर गाए।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार सवा दो बजे के करीब हेलीकॉप्टर से वाण पहुंचे। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित फसलों के लिए हल्द्वानी और देहरादून में बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने की यह घोषणाएं

mystery of laatu devta temple in uttarakhand.

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गेस्टहाउस बनाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र के सभी विद्यालयों में सितंबर-अक्तूबर तक शिक्षकों की तैनाती कर ली जाएगी। स्थानीय धार्मिक मेलों और त्योहारों के संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने हर वर्ष होने वाली लोक जात के लिए कार्ययोजना बनाए जाने की बात कही।

विधायक डॉ. जीतराम, ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट, कांग्रेस के सुशील रावत, महावीर बिष्ट, लक्ष्मण बिष्ट, डीडी कुनियाल, राजेंद्र दानू, लखन रावत, प्रदेश  उपाध्यक्ष भुवन नौटियाल आदि ने भी विचार रखे।

ये हुई घोषणाएं
- देवाल ब्लाक में दो सालों में 1000 शौचालयों का निर्माण।
- देवाल को अगले साल पूर्ण तहसील का दर्जा दिया जाएगा।
- वाण हाईस्कूल का उच्चीकरण।
- लाटू देवता मंदिर का सुंदरीकरण।
- जीआईसी ल्वाणी को वित्तीय स्वीकृति।
- वाण-कनोल मोटर मार्ग की स्वीकृति।
- थराली-देवाल-वाण को नंदा देवी राजजात मोटर मार्ग घोषित करते हुए सुधारीकरण।
- चारा प्रजाति के पेड़ों पर मिलेगी प्रति पेड़ 300 रुपए की प्रोत्साहन राशि
- देवाल पीएचसी को पूर्ण स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा।
- वाण में पशुपालन केंद्र।
- मानमती में खेल मैदान।
- वाण और घेस को आयुष गांव।
- आली और वैदनी में रोप वे की सर्वे।
- तुंगेश्वर में आर्युर्वेदिक चिकित्सालय।
- ग्वालदम में ईको हट्स।

यह है पूरी कहानी...

mystery of laatu devta temple in uttarakhand.

हर वर्ष बैसाख पूर्णिमा को मंदिर के कपाट खोले जाते हैं, इस दिन मंदिर के अंदर केवल पुजारी प्रवेश करते हैं वो भी पूरे चेहरे को कपड़े से ढककर। हालांकि मान्यता है कि मंदिर के अंदर शिवलिंग है जिसकी शक्ति और तेज से आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है जिसके चलते पुजारी भी कपड़ा बांधकर मंदिर में प्रवेश करते हैं।

रविवार (आज) वाण के लाटू देवता मंदिर के कपाट परंपरागत रूप से खोले जाएंगे। लाटू देवता को मां नंदा का भाई माना जाता है और श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा के दौरान वाण से लेकर होमकुंड तक राजजात की अगुवाई भी लाटू करता है। 2450 मीटर की ऊंचाई और 350 परिवारों वाला वाण गांव लाटू देवता को अपना ईष्ट मानते हैं।

कौन था लाटू
कुल पुरोहित रमेश कुनियाल कहते हैं कि यह मंदिर संभवत राज्य का पहला मंदिर जिसके भीतर श्रद्धालु प्रवेश नहीं करते हैं। किवदंतियों के अनुसार लाटू कनौज का गौड़ ब्राह्मण था, जो परम शिवभक्त था। शिव के दर्शनों के लिए कैलाश जाते हुए वाण गांव में उसने विश्राम किया था। इस दौरान प्यास लगने एक महिला से उसने पानी मांग लेकिन भूलवश जाम पी लिया।

कुपित होकर लाटू ने अपनी जीभ काट ली और मूर्छित हो गया। बाद में भगवती (लाटू की धर्म बहन) की कृपा से लाटू को होश आया, जिसके बाद यहां लाटू की पूजा की जाती है। आज भी लाटू का पश्वा बोलता नहीं है, इशारों में ही श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देता है।

मंदिर के बाहर से होती है पूजा
लाटू देवता के मंदिर में बारह महीने श्रद्धालु पहुंचते हैं, जो मंदिर के बाहर से पूजा अर्चना कर ही लौटते हैं। रमेश कुनियाल के अनुसार लोगों की लाटू के प्रति इतनी श्रद्धा है कि मंदिर के बाहर चबूतरे में पूजा को ही लाटू के दर्शन मानते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed