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22 फरवरी का दिन है बेहद खास, बच्चे को जरूर भेजें स्कूल

Tue, 21 Feb 2017 10:57 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 21 Feb 2017 10:57 AM IST
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must send your children to school on 22 February
School

चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक डीएस रावत ने सभी अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वह 22 फरवरी (बुधवार) को अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें।

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बुधवार को चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर राज्य के एक से उन्नीस वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी।
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रावत ने बताया कि यह अभियान सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी चलाई जाएगी। इसके अलावा मदरसों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शिशु सदन में भी बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में आशा कार्यकत्रियों का सहयोग लिया जाएगा।
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कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो स्कूल नहीं जाते हैं और आंगनबाड़ी केंद्र में भी पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे बच्चों को ढूंढने में आशा कार्यकत्रियों की मदद ली जाएगी। कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने के लिए 51,359 कर्मचारियों को इस अभियान में शामिल किया गया है।  

कैसे होता है कृमि का संक्रमण 

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कृमि का संक्रमण खुले में शौच करने से, नंगे पांव चलने से, स्वच्छता और सफाई की ओर से ध्यान नहीं देने से और अशुद्ध पेयजल आदि कारणों से होता है।  

बच्चों पर क्या पड़ता है असर 
बच्चों में कृमि संक्रमण के कारण खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, कमजोरी, बेचैनी, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और वजन में कमी जैसी समस्या आती है। कृमि की जितनी अधिक मात्रा होगी, संक्रमित बच्चों में लक्षण उतने अधिक होंगे। 

बीमार बच्चों को डाक्टर की सलाह बाद ही दी जाती है दवा 
जो बच्चे बीमार हैं उनको एल्बेंडाजोल की गोली नहीं दी जाती है। बीमार बच्चों को डाक्टर की सलाह के बाद ही यह दवा दी जानी चाहिए। 

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