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मसूरी: रस्किन बांड ने सादगी से अपने परिवार के साथ मनाया 87वां जन्मदिन, केट काटकर किया सेलीब्रेट
Wed, 19 May 2021 09:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मसूरी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मसूरी
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 19 May 2021 09:40 PM IST
सार
रस्किन बांड का जन्मदिन 19 मई 1934 को हिमाचल प्रदेश के कसौली में हुआ था। उनके पिता का नाम अब्रे बांड और माता का नाम एरिथ क्लार्के था।
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अंग्रेजी के प्रख्यात लेखक पद्मश्री रस्किन बांड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमूमन अपने प्रशंसकों के साथ पहाड़ों की रानी में एक बुकशॉप पर अनूठे अंदाज में जन्मदिन मनाने वाले अंग्रेजी के नामचीन अंतरराष्ट्रीय लेखक रस्किन बांड ने इस बार पौत्र और उनके बच्चों के साथ घर पर ही रहकर केक काटा और सादगी से अपना 87वां जन्मदिन मनाया। बुजुर्ग लेखक ने कोरोना से उपजे हालात का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि परिस्थितियां सामान्य होंगी तो वह प्रशंसकों से मिलेंगे।
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पद्मविभूषण रस्किन बांड ने बुधवार को पौत्र राकेश द्वारा लाया लाया गया केक पौत्र वधू बीना और उनके बच्चों के साथ मिलकर काटा। कोरोना संक्रमण के चलते लगातार दूसरे साल भी बांड अपने प्रशंसकों से नहीं मिल पाए । जन्मदिन के मौके पर रस्किन बांड को घर वालों ने एक नीले रंग की टी शर्ट भी भेंट की जिसमें लिखा कि टू द वर्ल्ड्स बेस्ट दादा।
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हैप्पी वाला रहा मेरा जन्मदिन : बांड
अपने जन्मदिन के मौके पर रस्किन बांड ने कहा कि मेरा जन्मदिन वास्तव में हैप्पी वाला रहा है क्योंकि मुझे पुरे देश से मेरे पाठकों, मित्रों, शुभचिंतकों, मेरे प्रशंसकों और मेरे प्यारे परिवार से प्यार भरे संदेश मिले है । उन्होंने सभी का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि मै जानता हुं कि इस महामारी में हमारा डेढ़ साल बहुत खराब रहा है जिसने सभी को परेशान कर रखा है। उम्मीद है कि यह समय भी जल्द ही खत्म हो जाएगा ।
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87 की उम्र में भी नई कहानियां लिखने का जज्बा
रस्किन बांड ने कहा कि हम केवल आशा और प्रार्थना कर सकते है कि बेहतर समय आए। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में मुझे आपसे बात करने का और शायद आपसे मिलने का मौका मिल जाए। साथ ही कहा कि आपके लिए नई कहानियां लिखने का भी मौका मिले । उन्होंने लाखों लोगों का जन्मदिन के लिए शुभकामनाएं देने के लिए सभी धन्यवाद दिया । साथ ही लोगों से अपील की है घर पर रहें, सुरक्षित रहें और खुश रहें । बांड के जन्मदिन पर लेखक गणेश सैैली, कैंब्रिज बुक डिपो के संचालक सुनील अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ,नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने रस्किन बांड को उनके 87वें जन्मदिन की बधाई दी और उनके स्वस्थ जीवन की कामना की ।
बांड एक नजर
जन्म : 19 मई, 1934 कसौली (हिमाचल)
1964 में मसूरी आए और यहीं बस गए।
प्रमुख कृतियां - द ब्लू अंब्रेला , द नाइट टेन एट देहली, अवर ट्री ग्रो इन देहरा, देहली इज नॉट फॉर रस्किन, ए सीजन ऑफ घोष्ट, कमिंग अराउंड द माउंटेन, टाइम स्टाप एट शामली, ए फेस इन द डार्क एंड अदर हंटिंग, रूम ऑन द रूफ
सम्मान/पुरस्कार
अंतरराष्ट्रीय जॉन लेवेलिन एर्स मेमोरियल पुरस्कार मिला था। साहित्य अकादमी पुरस्कार
पदमश्री 1999 ,पदमविभूषण 2014 और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2017