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मसूरी गोलीकांड की 26वीं बरसी आज: शहीद स्थल पर पहुंचे बड़े नेता, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
Wed, 02 Sep 2020 05:28 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मसूरी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मसूरी
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 02 Sep 2020 05:28 PM IST
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विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शहीदों को याद किया
- फोटो : amar ujala
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मसूरी गोलीकांड की 26वीं बरसी पर आज विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शहीदों को याद किया।
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मसूरी गोलीकांड : नहीं भूल पाए दो सितंबर को मिला वह जख्म, छह आंदोलनकारियों ने दिया था बलिदान
मसूरी स्थित शहीद स्थल पर कई बड़े नेता पहुंचे और शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वहीं आज दिनभर शहीद स्थल में कई बड़े नेताओं के आने की उम्मीद है।
इस क्रम में पूर्व उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अजय भट्ट मसूरी पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायक गणेश जोशी ने भी शहीदों की शहादत को याद किया। इस दौरान अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड और केंद्र की भाजपा सरकार लगातार राज्य के विकास के लिए काम कर रही है।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय मसूरी के शहीद स्थल पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए पूर्व में बहुत कुछ किया गया है और बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
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देहरादून के कचहरी स्थित शहीद स्थल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
1994 को खटीमा में पुलिस ने राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाईं थीं
एक सितंबर 1994 को खटीमा में पुलिस ने राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाईं थीं। इसके बाद एक सितंबर की रात ही संयुक्त संघर्ष समिति ने झूलाघर स्थित कार्यालय पर कब्जा कर लिया था और आंदोलनकारी वहां क्रमिक धरने पर बैठ गए थे। जिनमें से पांच आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके विरोध में दो सितंबर को नगर के अन्य आंदोलनकारियों ने झूलाघर पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया।
यह देख रात से ही वहां तैनात सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसमें छह आंदोलनकारी शहीद हो गए थे।