फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   mussoorie goli kand anniversary news: uttarakhand state movement, Police had fired bullets on state agitators, six martyred

मसूरी गोलीकांड: आज भी जख्म ताजा, मौन जुलूस निकाल रहे राज्य आंदोलनकारियों पर पुलिस ने बरसाईं थी गोलियां

Thu, 02 Sep 2021 09:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुनील सिलवाल, अमर उजाला, मसूरी
सुनील सिलवाल, अमर उजाला, मसूरी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 02 Sep 2021 09:55 AM IST
सार

Mussoorie Goli Kand: आज मसूरी गोलीकांड की 27वीं बरसी है, लेकिन राज्य आंदोलनकारी पहाड़ का पानी, जवानी और पलायन रोकने की मांग लगातार कर रहे हैं। खटीमा गोलीकांड के विरोध में दो सितंबर 1994 को आंदोलनकारी मसूरी में गढ़वाल टैरेस से जुलूस निकाल रहे थे। इसी बीच पुलिस ने गोलियां चला दीं थीं।

विज्ञापन
mussoorie goli kand anniversary news: uttarakhand state movement, Police had fired bullets on state agitators, six martyred
मसूरी गोलीकांड - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दो सितंबर का दिन मसूरी के इतिहास का काला दिन माना जाता है। दो सितंबर 1994 को राज्य आंदोलनकारियों पर पुलिस ने गोलियां चला दीं थी, जिसमें  छह लोगों सहित एक पुलिस अधिकारी भी शहीद हो गए थे। राज्य आंदोलनकारियों का कहना है कि मसूरी गोलीकांड के जख्म आज भी ताजा हैं। भले ही हमें अलग राज्य मिल गया हो, लेकिन शहीदों को सपने आज भी अधूरे हैं। 

विज्ञापन


खटीमा गोलीकांड के विरोध में निकाली थी रैली
आज मसूरी गोलीकांड की 27वीं बरसी है, लेकिन राज्य आंदोलनकारी पहाड़ का पानी, जवानी और पलायन रोकने की मांग लगातार कर रहे हैं। राज्य आंदोलनकारी बिजेन्द्र पुडींर ने बताया कि खटीमा गोलीकांड के विरोध में दो सितंबर 1994 को आंदोलनकारी मसूरी में गढ़वाल टैरेस से जुलूस लेकर उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति के कार्यालय झूलाघर जा रहे थे।
विज्ञापन


उत्तराखंड: खटीमा गोलीकांड की 27वीं बरसी पर राज्य आंदोलनकारियों को सीएम धामी की सौगात
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान गनहिल की पहाड़ी से किसी ने पथराव कर दिया, जिससे बचने के लिए आंदोलनकारी कार्यालय में जाने लगे। इसी बीच पुलिस ने आंदोलनकारियों पर गोलियां चला दीं। इसमें छह आंदोलनकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही सैंट मैरी अस्पताल के बाहर पुलिस के सीओ उमाकांत त्रिपाठी की भी मौत हो गई थी। गोलीकांड में राज्य आंदोलनकारी मदन मोहन मंमगाई, हंसा धनाई, बेलमती चौहान, बलवीर नेगी, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी शहीद हो गए थे। 

विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दो सितंबर 1994 को हुए मसूरी गोलीकांड की बरसी पर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण शहीदों के संघर्ष व बलिदान से हुआ है। राज्य बनाने के लिए अनके आंदोलनकारियों ने कुर्बानी दी। राज्य विकास के पथ पर अग्रसर है। लेकिन उन शहीदों के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। जिनके संघर्ष के बल पर राज्य का निर्माण हुआ है। प्रदेश के विकास के लिए हर व्यक्ति को निष्ठा व कार्य के प्रति समर्पित होकर योगदान देना होगा।

‘सारी हदें पार कर दी थीं पुलिस ने’ 

राज्य आंदोलनकारी जयप्रकाश उत्तराखंडी कहते हैं कि गोलीकांड के बाद पुलिस 46 आंदोलनकारियों को बरेली सेंट्रल जेल ले गई और आंदोलनकारियों के साथ बुरा बर्ताव किया गया। उन्होंने कहा कि मसूरी में पुलिस ने जुल्म की सारी हदें पार कर दी थीं।

लोगों को घरों से उठाकर मारना-पीटना आम बात हो गई थी। कहा कि जिन सपनों के लिए राज्य की लड़ाई लड़ी गई, वो अब तक पूरे नहीं हुए हैं। पहाड़ से पलायन रोकने में सरकारें असफल रही हैं, भू-कानुन को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बन सकी है। 

‘राज्य के विकास में किसी भी पार्टी ने नहीं किया काम’
शहीद बलवीर सिंह नेगी के बड़े भाई राजेंद्र नेगी कहते हैं कि राज्य की लड़ाई में हमने भाई को खोया, लेकिन इतने सालों में कोई बदलाव नहीं देखने को मिला। किसी भी पार्टी ने राज्य के विकास के लिए खास काम नहीं किया।

वहीं, राज्य आंदोलनकारी आरपी बडोनी कहते हैं कि दो सितंबर की घटना को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पुलिस के सीओ को भी शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। कहा कि उत्तराखंड की सत्ता पर काबिज रही पार्टियों ने पहाड़ को छलने और ठगने का काम किया है। पहाड़ का विकास आज भी एक सपना बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed