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सीएए विरोध: हल्द्वानी में पुलिस के मनाने पर मानी मुस्लिम महिलाएं, तीन दिन बाद खत्म किया धरना

Fri, 24 Jan 2020 10:57 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 24 Jan 2020 10:57 PM IST
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Muslim Women Protest against Caa in haldwani finish after three days
हल्द्वानी में सीएए का विरोध - फोटो : अमर उजाला

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में ताज चौराहे पर 48 घंटे से जारी महिलाओं का धरना पुलिस अधिकारियों की पहल पर लाइन नंबर आठ में शिफ्ट कर दिया गया। धरनास्थल बदले जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।

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इसके बाद रात करीब 10:22 बजे हाजी मोहम्मद शाकिर की ओर से दुआ पढ़ने के बाद महिलाओं ने धरना समाप्त कर दिया। वहीं, आंदोलन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि इस मामले में केंद्र सरकार ने सुनवाई नहीं की तो आंदोलन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
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बता दें कि ताज चौराहे पर बुधवार से बड़ी तादाद में महिलाओं ने धरना दे दिया था। इस पर स्थानीय पुलिस प्रशासन से लेकर शासन तक खलबली मच गई थी। पुलिस महिलाओं का धरने से उठाने के लिए स्थानीय नेताओं पर लगातार दबाव बना रही थी। बृहस्पतिवार की रात डीआईजी जगतराम जोशी और एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बनभूलपुरा थाने में डेरा जमा लिया। उन्होंने स्थानीय नेताओं से वार्ता की।
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आखिर शुक्रवार की सुबह पुलिस की कोशिशें रंग लाईं और सुबह 11 बजे के बाद शांतिपूर्ण ढंग से धरनास्थल बदल दिया गया। सोशल मीडिया पर जब इसकी जानकारी हुई तो कई लोगों ने इस पर नाराजगी भी जताई, लेकिन उन्हें समझाकर शांत कर दिया गया। जुमे की नमाज के बाद दोपहर करीब तीन बजे बड़ी तादाद में महिलाएं लाइन नंबर आठ स्थित धरनास्थल पर जुट गईं।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए बड़ी मस्जिद इंदिरा नगर के इमाम मौलाना सैय्यद इरफान रसूल ने कहा कि महिलाएं और अन्य लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं। आम जनता चाहती है कि सरकार उनकी बात सुने।

कैंडल मार्च निकालकर जताया विरोध 

समस्या सुनने पर उसका समाधान हो सकता है। चेताया कि जब तक सरकार लोगों की बात नहीं सुनती धरना जारी रहेगा। इस बीच महिलाओं ने कहा कि सीएए और एनआरसी का काला कानून वापस लेना होगा। मोदी सरकार इस मामले में तानाशाही रवैया अपना रही है। शाम पांच बजे के बाद से महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। ठंड के बावजूद महिलाएं मौके पर डटी रहीं।

शुक्रवार की शाम मुजाहिद चौक से लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने मार्च का कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया लेकिन लोगों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ नारा लगाते हुए पैदल मार्च ताज चौराहे तक निकाला। मोदी विरोधी नारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कैंडल मार्च में सुहैल अहमद सिद्दीकी (पूर्व दायित्वधारी), पार्षद मोहम्मद गुफरान, इसलाम मिकरानी, हसनैन रजा, उवैस राजा, शराफत, पार्षद जीशान परवेज, शहनवाज मलिक, आदिल मिकरानी, आरिश अली, बिलाल खान, वसीम सिद्दीकी, अकील सिद्दीकी, आमिर अली, फैसल आदि शामिल रहे।

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