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देश के विकास को लेकर बोले डॉ मुरली मनोहर जोशी, कहा केंद्र सरकार को करने होंगे और भी ज्यादा प्रयास

Tue, 25 Sep 2018 10:46 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 25 Sep 2018 10:46 PM IST
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murli manohar joshi statement for development on Pandit Deendayal Upadhyay jayanti
मुरली मनोहर जोशी

सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 101वीं जयंती पर देश के विकास को लेकर भी अपने मन की बात रखी। उन्होंने एक मैगजीन का हवाला देते हुए कहा कि, पिछले कुछ सालों में दस फीसदी विकास ही लोगों तक पहुंचा है। इसे और भी आगे तक ले जाना होगा। केंद्र सरकार को इसके लिए प्रयास करने होंगे।

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कहा कि, बहुत सारी बहनें इस बात पर संघर्ष कर रही हैं कि ये शरीर मेरा है। सवाल उठता है कि क्या आपने इसे बाजार से लिया है? वास्तव में शरीर दो व्यक्तियों से मिला है। माता-पिता ने जन्म दिया। भोजन, कपड़ा, शिक्षा किसी और से मिल रहा है। हम इन रिश्तों को जितना बढ़ाते जाएंगे उतना ही हमारा सामाजिक दायरा बढ़ता जाएगा। ये यात्रा व्यष्टि (व्यक्ति), समष्टि (समाज), परमिष्टि और सृष्टि की है। इसी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एक वाक्य में एकात्म मानवतावाद दर्शन कहा था। पहले इसे समझने और मानने वाले कम थे। उसके के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, इसलिए देश-दुनिया में इस धारणा पर काम हो रहा है। 
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उन्होंने कहा कि कोई चिंतन तब तक सार्थक नहीं हो सकता जब तक वह बहुसंख्य की बात न हो। मौजूदा राजनीति में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पंडित जी के विचारों को उनके नाम पर बनी संस्था के माध्यम से प्रचारित प्रसारित करे। कार्यक्रम में विधायक हरबंश कपूर, प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश पंत, वरिष्ठ भाजपा नेता नरेश मित्तल सहित बड़ी संख्या में फौज के सेवानिवृत्त अफसर, साहित्यकार और समाजसेवी मौजूद रहे।
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विक्रमादित्य की कुर्सी पर बैठकर अपनों पर गाज गिराना भी लाजिमी 

इससे पूर्व बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सिर्फ पढ़ा और सुना है। मानव संसाधन मंत्री रहते हुए मुरली मनोहर जोशी ने जो कार्य शिक्षा के क्षेत्र में किए वे मील का पत्थर हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के स्वच्छ धवल जीवन दर्शन को हम खुद में उतारने का प्रयास कर रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के अध्यक्ष व वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पंडित जी के दर्शन को जन जन तक पहुंचाने में जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर कार्य किया है उनमें जोशी जी का स्थान अहम है। 

विक्रमादित्य की कुर्सी पर बैठकर अपनों पर गाज गिराना भी लाजिमी 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस नीति पर सरकार की सराहना करते नजर आए। ये बात और है कि उन्हीं के उठाए मुद्दे पर सरकार अब तक कान नहीं दे पाई है। शायद इसी के मद्देनजर वे इशारों इशारों में मुख्यमंत्री को नाजुक संकेत भी दे गए। उन्होंने पहले तो भ्रष्टाचार के आरोपी ब्यूरोक्रेट और अन्य को जेल जाने का ब्योरा दिया।

इसके बाद सरकार को पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को ललकारते भी नजर आए। मुख्यमंत्री की ओर नजर दौड़ाते हुए कहा कि ‘ये विक्रमादित्य की कुर्सी है। यहां बैठ कर पारदर्शिता और न्याय के लिए क्रूरता पूर्वक निर्णय लिए जाते हैं। इस मुहिम में कई बार अपनों पर भी गाज गिर जाती है तो पीछे नहीं हटना चाहिए।’ इस बात पर मुख्यमंत्री हंस पड़े और अर्थपूर्ण निगाहों से प्रदेश अध्यक्ष को क्षणिक देखते रह गए।   

 

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