पति ही निकला पत्नी और एक साल की बेटी का कातिल, जानिए पूरी कहानी
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प्रेमिका के संग षड्यंत्र रचकर पत्नी और एक वर्ष की बच्ची की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दोषी पति और प्रेमिका को आजीवन कारावास एवं पचास-पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता प्रदीप जगता के अनुसार राजेश पुत्र सरजू शर्मा निवासी ठाकुरपुरा जिला गया (बिहार) हाल निवासी महरौली दिल्ली ने हरिद्वार कोतवाली में 19 फरवरी को घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में उसने बताया था कि उसका बहनोई संजीव पुत्र बिंदेश्वर निवासी पंचारिया जिला नवादा (बिहार) अपनी प्रेमिका रूबी पत्नी गुड्डु निवासी मुक्कम पुराना जिला शाहजहांपुर हाल निवासी बल्लभगढ़ फरीदाबाद के साथ 18 जनवरी को हरिद्वार घूमने आया था।
प्रेमिका के साथ मिलकर रची थी साजिश
तब वह उसकी चचेरी बहन रिंकू (संजीव की पत्नी) और एक वर्षीया भांजी श्रुति (संजीव की पुत्री) को भी साथ लाया था। राजेश का कहना था कि इसी दौरान उसके बहनोई संजीव ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर उसकी चचेरी बहन को नशीली दवाई खिलाकर रात में हरकी पैड़ी के पास गंगा में धक्का दे दिया और मासूम भांजी को भी गंगा में फेंक दिया।
चचेरे भाई की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया था जबकि मां-बेटी के शव बरामद नहीं हो सके थे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के साक्ष्यों का अवलोकन करने एवं बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) कंवर अमनिंद्र सिंह ने मृतका रिंकू के पति और प्रेमिका को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।