फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   municipal corporation will destroy without double money.

दोगुना रुपया नहीं मिला तो तबाह होंगे नगर निकाय

Sat, 20 Feb 2016 11:42 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 20 Feb 2016 11:42 AM IST
विज्ञापन
municipal corporation will destroy without double money.

दून में चौथे राज्य वित्त आयोग की नगर निकायों की सुनवाई बैठक में नगर निगम, नगर पंचायतों एवं नगर पालिका परिषद के प्रतिनिधियों, अधिकारियों ने राज्य वित्त आयोग द्वारा आवंटित राशि को दोगुना करने की मांग उठाई।

विज्ञापन


सभी ने एक स्वर में कहा कि अगर राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि को दोगुना न किया गया तो स्थानीय निकाय बेकार, तबाह होंगे और फिर सौ प्रतिशत मर जाएंगे।
विज्ञापन


विकास भवन सभागार में बैठक में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डा. बीके जोशी ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए स्थानीय संस्थाओं को वित्तीय व प्रशासनिक तौर पर ताकतवर होना होगा। राज्य वित्त आयोग इसके लिए प्रतिबद्ध है। तार्किक मांगों पर आयोग उदार है। दून लगातार गंदा होता जा रहा है। साफ-सफाई की स्थिति खराब है। निकायों को आय बढ़ानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य वित्त आयोग के सदस्य सीएमएस बिष्ट ने कहा कि निकायों को वित्तीय तौर पर स्वावलंबी होना होगा। बुनियादी कार्यों को ठीक तरह से अंजाम देना होगा। राज्य वित्त आयोग के सदस्य अविकल थपलियाल ने कहा कि अनुदान और स्वावलंबी कोशिशों में समन्वय रखकर विकेंद्रित विकास संभव है। पेशेवराना व्यवहार से हालात बेहतर हो जाएंगे।

नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद डा. विजेंद्र पॉल सिंह, जगदीश धीमान ने देहरादून नगर निगम की खराब वित्तीय स्थिति को विस्तार से आयोग के सामने रखा। कहा कि वेतन, भत्तों, पेंशन में निगम का आधे से अधिक बजट राशि समाप्त हो जाती है।

पार्षद महिपाल धीमान, मनमोहन धनई, राजेश पुंडीर, सोनू उनियाल, विधायक प्रतिनिधि विनोद नेगी ने निगम की वित्तीय बदहाली पेश की। डा. विजेंद्र पॉल सिंह ने मांग की कि राज्य वित्त आयोग का अनुदान 35 करोड़ से बढ़ाकर कम से कम 70 करोड़ कर दिया जाए। अगर अधिक आवंटन हो तो निगम का खूब फायदा होगा।

ऋषिकेश के नगर पालिका चेयरमैन दीप शर्मा ने बेहद व्यवस्थित तरीके से ऋषिकेश नगर पालिका की बढ़ती जिम्मेदारियों और सीमित वित्तीय संसाधनों की बात रखी। बताया ऋषिकेश नगर पालिका की आय सालाना आय डेढ़ करोड़ मात्र है। दस करोड़ राज्य वित्त आयोग से मिलता है। वेतन का खर्चा छह करोड़ रुपये के आसपास है।

नगर पालिका परिषद विकासनगर के चेयरमैन नीरज अग्रवाल ने कहा कि रोजाना तीन हजार की फ्लोटिंग आबादी विकासनगर आती है। उस दबाव को हम झेलते हैं। सालाना आय डेढ़ करोड़ रुपये है। खर्चा तीन करोड़ है। राज्य वित्त आयोग को अनुदान दोगुना करना चाहिए।

डोईवाला नगर पंचायत के कार्यकारी अधिकारी बीडी बागशान ने तमाम नवोन्मेंषों एवं नवीन प्रयोगों की जानकारी दी। हरबर्टपुर नगर पंचायत ने भी कम आय की बात कही। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पांडेय, जिला पंचायतराज अधिकारी एमएम खान भी मौजूद थे।


पंचायत संस्थाओं की सुनवाई बैठक आज
देहरादून के विकास भवन सभागार में 20 फरवरी को पंचायतों की सुनवाई बैठक होगी। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष, दोनों सदस्य के समक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, स्वयंसेवी संगठन शामिल होकर अपनी बातें रखेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed