तीन तलाक कानून पर मुफ्ती मासूम ने संसद के फैसले को बताया गलत, जानिए क्या बोले
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संसद में पास हुए तीन तलाक बिल को मदरसा अरबिया तुल मोमनिन के प्रबंधक मुफ्ती मासूम ने गलत करार दिया है। उनका कहना है कि , कानून बनाने से पहले राय मशवरा नहीं किया गया है।
तीन तलाक की सजा पर सजा के प्रावधान को लेकर बोलते हुए मदरसा तूल मोमनिन के मुफ्ती मासूम ने कहा है कि उलेमा व मुस्लिम संगठनों से राय मशवरा किया जाना चाहिए था। कहा कि कानून शरीयत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कानून में तलाकशुदा महिला व उसके बच्चों के गुजर बसर के लिए आर्थिक दंड को शामिल किया जाना चाहिए था।
मुस्लिम महिलाओं ने किया तीन तलाक के बिल का समर्थन
वहीं लक्सर में मुस्लिम महिलाओं ने संसद में तीन तलाक पर पारित बहु प्रतीक्षित मुस्लिम वूमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने लक्सर विधायक संजय गुप्ता के आवास पर पहुंचकर उन्हें पुष्प भेंट किए और केंद्र सरकार का आभार जताया। कहा कि तीन तलाक के उत्पीड़न से महिलाओं को छुटकारा मिल सकेगा।
उन्होंने शुक्रवार को लक्सर विधायक संजय गुप्ता के आवास पर पहुंचकर केंद्र सरकार का आभार जताया तथा विधायक को उसके पुष्प भेंट किए। महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक का दंश झेल रही महिलाओं को कानून लागू करने के बाद इससे मुक्ति मिलेगी।
इतना ही नहीं देश की करोड़ों मुस्लिम महिलाओं को समानता से जीने का अधिकार भी अब मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है। अब कोई भी तीन तलाक की आड़ में महिलाओं का उत्पीड़न नहीं कर पाएगा।