आपके पास है ये हेल्थ कार्ड, तो AIIMS में मिलेगा फ्री इलाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आपके पास भी ये कार्ड है तो आपको बड़ा फायदा हो सकता है। अगर आपको इलाज कराना है तो इस कार्ड से आपको फ्री में एम्स जैसे बड़े अस्पताल में इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) में कवर राज्य के लाखों लोग अब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में भी राज्य में लागू सरकारी दरों पर इलाज करा सकेंगे।
जटिल रोगों के उपचार के लिए एम्स ने अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें सरकारी दरों पर उपचार देने की पेशकश की गई थी। उच्च स्तरीय चर्चा के बाद इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। जल्द ही एम्स के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
बीती 23 मई को एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दी जाने वाली उपचार सुविधा में एम्स को शामिल किए जाने का आग्रह किया था।
पत्र में कहा गया है कि एम्स ऋषिकेश में आईपीडी (भर्ती सुविधा) और ओपीडी की सेवा के अलावा अत्याधुनिक एमआरआई, सीटी स्कैन, गामा कैमरा समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके अलावा कोरोनरी एंजियोग्राफी (हृदय रोग), कैंसर और ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सेवाएं भी मौजूद हैं। ऐसे में एमएसबीवाई कार्डधारकों को गंभीर बीमारियों में उपचार देने के लिए एम्स सक्षम है। निदेशक ने यह भी कहा है कि इन रोगों के उपचार के लिए राज्य की निर्धारित दरें ही वसूली जाएंगी।
1 सीएचसी और 1 पीएचसी भी होगी एम्स को ट्रांसफर
बीमा योजना के तहत उपचार की सुविधा देने के साथ ही एम्स ने नजदीक की एक सीएचसी (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) और पीएचसी (प्राइमरी हेल्थ सेंटर) का अपने स्तर से संचालन करने का आग्रह किया है। इसके तहत ऋषिकेश के ऐसे एक-एक सेंटर एम्स को दिए जाने की तैयारी राज्य स्तर से जल्द संपन्न होगी।
पूर्व में भी यह प्रस्ताव राज्य के समक्ष आया था, मगर डुअल कंट्रोल के मुद्दे पर बात आगे नहीं बढ़ पाई थी। मगर, अब यह प्रस्ताव मान लिया गया है। यह भी तय हुआ है कि इसमें एम्स का ही कंट्रोल होगा। राज्य सरकार अपने डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करेगी।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो ऐसा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को 14 डॉक्टर, स्टाफ, फार्मेसिस्ट से लेकर सेवाओं पर होने वाले खर्च की बचत होगी, जिसका इस्तेमाल दूसरी जगहों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने पर किया जा सकेगा।
वैल्यु एडिशन
- अभी तक एमएसबीवाई योजना में दस लाख पचास हजार परिवारों का बीमा किया जा चुका है। इसे बारह लाख तक करने का लध्य निर्धारित किया गया है।
- अभी तक मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों के अलावा लगभग साठ निजी अस्पतालों को अनुबंधित किया गया है।
- इसके तहत करीब छह सौ बीमारियों के उपचार की सुविधा है और उनकी भिन्न दरें हैं। हृदय रोग और कैंसर का उपचार एम्स में मिलने से मरीजों को काफी सहूलियत होगी।