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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आवाजाही के दौरान ध्वस्त हुआ पुल, सात गांवों से संपर्क कटा

Sun, 19 Jan 2020 07:44 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 19 Jan 2020 07:44 PM IST
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Motor bridge Collapse on Kailash Mansarovar Yatra route by truck load
मोटर पुल धवस्त - फोटो : अमर उजाला

सामरिक महत्व और कैलाश मानसरोवर को जोड़ने वाले धारचूला-लिपुलेख निर्माणाधीन मार्ग पर तवाघाट में बना बैली ब्रिज पोकलैंड मशीन ले जा रहे ट्रॉला के गुजरते समय ध्वस्त हो गया है। हादसे में दो लोगों को गंभीर चोटें आईं है। पुल ध्वस्त होने से जहां भारत चीन सीमा पर सेना, एसएसबी और आईटीबीपी की अग्रिम चौकियों तक सामान पहुंचाने में दिक्कत आएगी वहीं व्यास घाटी के सात गांवों और चौदास घाटी के कई गांवों के लिए आवाजाही बाधित हो गई है। 

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रविवार दोपहर लगभग ढाई बजे सड़क निर्माण का कार्य कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी की नई पोकलैंड मशीन को चंडीगढ़ से पांगला ले जा रहा ट्रॉला धारचूला से 18 किमी दूर तवाघाट के बैली ब्रिज से गुजर रहा था। ट्रॉले ने अभी पुल का आधा हिस्सा ही पार किया था कि पुल अचानक ध्वस्त हो गया। इससे ट्रॉला पुल की रेलिंग पर लटक गया।
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हादसे में ट्रॉला चालक नवीन सिंह (32) पुत्र धरम सिंह निवासी रजनू जिला कांगड़ा (हिमाचल), पोकलैंड ऑपरेटर सुरेंद्र कुमार (40) पुत्र जीवा राम निवासी देवपुर जिला होशियारपुर (पंजाब) घायल हो गए। नवीन सिंह को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुल की रेलिंग टूटती तो ट्रॉला पोकलैंड समेत धौली नदी में जा गिरता। माना जा रहा है कि बैल ब्रिज लोडेड ट्रॉले का भार नहीं सहन कर पाया। 
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पुल 65 आरसीसी ग्रिफ (बीआरओ) के अधीन है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रिफ के अधिकारियों के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। घटना के समय पुल में लोग आवाजाही नहीं कर रहे थे, अन्यथा हादसा और गंभीर हो सकता था। 

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व्यास-चौदास घाटी की 20 हजार आबादी पर संकट

धौली नदी पर तवाघाट में बना स्टील गार्डर पुल वर्ष 2013 के जलप्रलय में ध्वस्त हो गया था। तब तवाघाट में भारी तबाही मची थी। करीब 10 मकान भी नदी में समा गए थे। वर्ष 2013 में ही ग्रिफ ने इस स्थान पर बैली ब्रिज का निर्माण कर दिया था। 

बैली ब्रिज के ध्वस्त होने से व्यास घाटी के सात गांव बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नाभी, रौंगकांग, कुटि के साथ ही चौदास घाटी के गाला, पांगला, जिप्ती, गस्कू, पांगला, घटियाबगड़, कुरीला, जयकोट, सिमखोला का शेष जगत से संपर्क टूट गया है। करीब 20 हजार की आबादी संकट में फंस गई है। एक बार फिर तवाघाट में पुल का निर्माण करना पड़ेगा। इसमें कुछ समय लगने की संभावना है। क्षेत्र के लोगों ने इस स्थान पर फिलहाल बैली ब्रिज बनाने और बाद में स्टील गार्डर पुल का निर्माण करने की मांग की है। 

सेना, आईटीबीपी और एसएसबी की अग्रिम चौकियों तक सामान पहुंचाने में आएगी दिक्कत
भारत-चीन सीमा पर सेना के साथ ही आईटीबीपी तैनात है। नेपाल सीमा पर एसएसबी की तैनाती है। सेना, आईटीबीपी और एसएसबी की उच्च हिमालयी क्षेत्र में कई अग्रिम चौकियां हैं। तवाघाट पुल ध्वस्त होने से इन अग्रिम चौकियों में तैनात जवानों अधिकारियों के लिए रसद आदि सामान पहुंचाने में दिक्कतें आएंगी। सामान को तवाघाट में नदी के रास्ते ट्रांशिपमेंट करना पड़ेगा। जवानों की आवाजाही में भी दिक्कत आएगी। 
 

तवाघाट में 15 दिन के भीतर बन जाएगा बैली ब्रिज

पुल ध्वस्त होने की सूचना पर 65 आरसीसी ग्रिफ के कमान अधिकारी कर्नल प्रदीप कुमार ने तवाघाट पहुंचकर घटना की जानकारी ली। ग्रिफ के अधिकारियों के अनुसार घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। तवाघाट में बैली ब्रिज का निर्माण 15 दिन के भीतर कर दिया जाएगा। पुल निर्माण के लिए बाहर से सामान मंगाया जाता है। इसमें कुछ दिन लग जाएंगे। 

एक फरवरी 2017 को नियोलियासेरा का पुल हो गया था ध्वस्त
इससे पहले जिले में एक फरवरी 2017 को गणाईगंगोली के मदनपुर-नैनी सड़क के नियोलियासेरा में बना मोटर पुल ध्वस्त हो गया था। इस हादसे में पुल पर बैठे दो युवकों की मौत हो गई थी। जिस समय नियोलियासेरा का पुल ध्वस्त हुआ था, उस समय पुल से दो लोडेट ट्रक गुजर रहे थे। नियोलियासेरा में जहां पुल ध्वस्त हुआ था वहां आज तक पुल नहीं बन सका है। लोग कुलीर नदी से आवागमन करते हैं। हाल में पुल निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हुआ है। संवाद

बीरभट्टी में बना पुल भी 2017 में हो गया था ध्वस्त 
25 सितंबर 2017 में हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीरभट्टी में बने पुल पर सिलिंडरों से भरे ट्रक में आग लग गई थी। सिलिंडर फटने से ब्रिटिशकालीन पुल क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल यहां पर आवागमन के लिए बेली पुल बनाया गया है और नया पुल प्रस्तावित है।

मौके पर राजस्व टीम को भेज दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। तवाघाट में नए पुल का निर्माण कराया जाएगा।
 - अनिल कुमार शुक्ला एसडीएम धारचूला
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