मातृ दिवस 2020 : बेटों की सतायी मां को दिलाया न्याय, बेसहारा वृद्धा को इस बेटी ने दिलाया सम्मान
- चंद्रबनी में तीन बेटों ने मां को घर से निकाला
- बेसहारा वृद्धा को पुलिसकर्मी प्रजापति मंजू बालियान ने दिलाया सम्मान
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मातृ दिवस पर एक तरफ मातृ शक्ति का सम्मान हो रहा है तो दूसरी ओर एक बुजुर्ग मां को उसकी औलादों ने मरने के लिए बेसहारा छोड़ दिया। पुलिसकर्मी प्रजापति मंजू बालियान ने इस सतायी 80 वर्षीय वृद्ध महिला की मदद कर नारकीय यातनाओं से बचाया।
कारगी निवासी पुलिसकर्मी मंजू बालियान ने बताया कि वह पौड़ी में तैनात हैं। इन दिनों लॉकडाउन के कारण वह ड्यूटी पर नहीं जा सकीं हैं। उनको असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करना अच्छा लगता है। शनिवार को वह अपने परिचित के पास किसी काम से चंद्रबनी गई थीं।
वहां देखा कि एक प्लॉट में बने पुराने कमरे में एक बुजुर्ग महिला मदद के लिए चिल्ला रही थी। उन्होंने पास जाकर वृद्धा का हाल जाना तो वृद्धा ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं, जिन्होंने उसकी सारी संपत्ति बेच दी है और मारपीट कर घर से निकाल दिया है।
कमरा इंसान के तो क्या पशु के रहने लायक तक नहीं था
उनका घर उस प्लॉट से लगा हुआ है। असहाय हालत में उसे यहां डाल दिया गया है। न कोई हालत पूछने आता है, न ही खाने के लिए।
मंजू ने कमरे की हालत देखी तो अंदर बुरा हाला था। वह कमरा इंसान के तो क्या पशु के रहने लायक तक नहीं था। एक कोने में सांप की केंचुली पड़ी थी, जो संभवत कुछ दिन पहले ही सांप ने छोड़ी होगी।
मंजू बुजुर्ग महिला को उनके घर लेकर गई और तीनों बेटों को जमकर फटकार लगाई। उन्हें कानून का पाठ भी पढ़ाया तो गलती मानते हुए वे मां को घर में रखने को तैयार हो गए। मंजू ने कहा कि उन्होंने उन्हें दोबारा ऐसी गलती न करने को चेताया गया है।