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...जब तेंदुए के मुंह से बच्चे को सुरक्षित खींच लाई एक साहसी मां
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, बागेश्वर
Updated Fri, 12 Oct 2018 08:34 AM IST
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leopard shimla
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यहां नुमाईशखेत में तेंदुए ने बुधवार देर रात आंगन में मां के साथ खड़े एक मासूम पर हमला कर दिया।
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तेंदुए ने बच्चे को मां की गोद से खींचकर ले जाने की कोशिश की। लेकिन, साहसी मां पांच मिनट तक तेंदुए से संघर्ष करते हुए बच्चे को उसके मुंह से खींच लाई। महिला के साहस और मौके पर भीड़ जुटती देख तेंदुआ भाग निकला।
बुधवार रात करीब नौ बजे नुमाईशखेत निवासी छह साल का मासूम दक्ष पुत्र प्रदीप सिंह मां के साथ आंगन में मौजूद था।
रामलीला और दुर्गा महोत्सव का नजारा देख रहे थे मां और बेटा
मां-बेटा पास ही नुमाईशखेत में चल रहे रामलीला और दुर्गा महोत्सव का नजारा देख रहे थे। तभी एक तेंदुआ दक्ष पर झपट पड़ा और उसे मां के हाथ से खींचकर ले जाने की कोशिश करने लगा।
महिला ने साहस दिखाते हुए बच्चे को कसकर पकड़ लिया। साथ ही तेंदुए से करीब पांच मिनट तक संघर्ष किया। इस बीच महिला की चीख पुकार सुन मौके पर लोगों के आने से तेंदुआ भाग गया।
घायल मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। इधर, देर रात ही शिकारी लखपत सिंह ने वन कर्मियों के साथ नुमाईशखेत में मोर्चा संभाल लिया है।
महिला ने साहस दिखाते हुए बच्चे को कसकर पकड़ लिया। साथ ही तेंदुए से करीब पांच मिनट तक संघर्ष किया। इस बीच महिला की चीख पुकार सुन मौके पर लोगों के आने से तेंदुआ भाग गया।
घायल मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। इधर, देर रात ही शिकारी लखपत सिंह ने वन कर्मियों के साथ नुमाईशखेत में मोर्चा संभाल लिया है।