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उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के आसपास ही है ज्यादा प्रदूषण

Tue, 12 Nov 2019 12:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 12 Nov 2019 12:24 PM IST
सार

  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किए आंकड़े, रायपुर, नेहरू कालोनी समेत अन्य क्षेत्रों में स्थिति सामान्य
  • क्षेत्रीय अधिकारी ने मुख्यालय को भेजी रिपोर्ट

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Most pollution around Uttarakhand largest government hospital
दून अस्पताल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दीपावली के दौरान राजधानी में हुई आतिशबाजी के चलते खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण का स्तर फिलहाल सामान्य होने लग गया है। लेकिन, दून अस्पताल समेत कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण अब भी मानक से ज्यादा है।

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दीपावली के दिन जहां दून अस्पताल और आसपास के इलाकों में पीएम (धूल के कण)-10 की मात्रा 385 माइक्रोग्राम प्रति नॉर्मल क्यूबिक मीटर मापी गई थी। वहीं 15 दिन बाद यह आंकड़ा 255 माइक्रोग्राम प्रति नॉर्मल क्यूबिक मीटर पर आ गया है।
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जबकि स्वस्थ वातावरण 100 माइक्रोग्राम प्रति नॉर्मल क्यूबिक मीटर माना जाता है। इसके अलावा रायपुर क्षेत्र में इसकी मात्रा इस समय 160, नेहरू कॉलोनी में 144 और ऋषिकेश में 164 मात्रा पाई गई है। जबकि दीपावली के दिन नेहरू कॉलोनी में 166, रायपुर क्षेत्र में 249 और ऋषिकेश में यह आंकड़ा 283 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर मापा गया था।
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जहां तक पीएम-2.5 का सवाल है तो दून अस्पताल और इसके आसपास के इलाके में इसकी मात्रा 17, रायपुर क्षेत्र में 71, ऋ षिकेश में 72 और नेहरू कॉलोनी में 46 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर पाया गया है।

जबकि दीपावली के दिन यह आंकड़ा दून अस्पताल के आसपास 184 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर, रायपुर क्षेत्र में 151, ऋ षिकेश में 152 और नेहरू कॉलोनी में 72 तक पहुंच गया था। जबकि इसकी मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए।

बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित पोखरियाल ने बताया कि पीएम-2.5 के स्तर में तेजी से गिरावट आई है। लेकिन, पीएम-10 में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। प्रदूषण के लिहाज से दून अस्पताल और इसके आसपास का क्षेत्र अब भी संवेदनशील है।

दून में लगाए जाएंगे अत्याधुनिक प्रदूषणमापी यंत्र

राजधानी और आसपास के इलाकों में साल दर साल खतरनाक हो रहे प्रदूषण के स्तर की मॉनीटरिंग को लेकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञ सतर्क हो गए हैं।

बारीकी से मॉनीटरिंग को राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक प्रदूषणमापी यंत्र लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए क्षेत्र चिह्नित किए जा रहे हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से फिलहाल दून अस्पताल के पास, रायपुर और नेहरू कॉलोनी में अत्याधुनिक यंत्र लगाए गए हैं। 

इनके माध्यम से पीएम-10 और पीएम-2.5 की मॉनिटरिंग की जा रही हैं। लेकिन जिस तरीके से राजधानी में तेजी से वाहनों की संख्या बढ़ रही है उससे दून का प्रदूषण स्तर साल दर साल तेजी से बढ़ रहा है। इससे विशेषज्ञ परेशान हैं।

जरूरत महसूस की जा रही है कि राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषणमापी यंत्र लगाकर इसकी मानीटरिंग की जाए, ताकि साल दर साल बढ़ते प्रदूषण को रोकने को कारगर कदम उठाए जा सकें। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित पोखरियाल ने बताया कि दून के कई क्षेत्रों में अत्याधुनिक उपकरण लगाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मंजूरी मिलते ही उपकरण लगा दिए जाएंगे।

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