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Dehradun News: नहरें जर्जर हाल, कैसे होगा अन्नदाता का उद्धार

Wed, 03 Jan 2024 12:41 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jan 2024 12:41 AM IST
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Most of the irrigation canals and gullies of development
I- कटापत्थर नहर प्रणाली पर आधारित है सिंचाई व्यवस्था
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I- अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक नहीं पहुंच पाता है पानीI

विकासखंड विकासनगर की अधिकांश सिंचाई नहरें और गूल जर्जर हाल में हैं। खेतों तक सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी अंतिम छोर के किसानों को उठानी पड़ती है। उनकी अधिकांश खेती बारिश पर ही आधारित है। किसानों ने क्षतिग्रस्त नहरों और गूलों की मरम्मत की मांग की है।

क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था कटापत्थर नहर प्रणाली पर आधारित है। इस नहर से तेलपुर, पृथ्वीपुर, फतेहपुर, रामबाग चार छोटी नहरें निकलती हैं। जिनसे करीब 4 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित होती है। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 100 किलोमीटर से भी अधिक गूलों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन अधिकांश नहरें और गूल जर्जर हाल में हैं। किसान गुलफाम अहमद, प्रकाश कुमार, सुभाष कुमार का कहना है कि वर्तमान में गेहूं को सिंचाई की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन गूल टूटी हुई है। पानी खेत तक नहीं पहुंच रहा है। राजमा और बरसीन के साथ ही आम और लीची के बगीचों को भी पानी की जरूरत है। गूलों की वर्षों से मरम्मत नहीं हुई है। खेती बारिश पर आधारित होकर रह गई है। इसका असर उत्पादन पर भी पड़ रहा है।
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Iविभाग को हर साल वार्षिक अनुरक्षण बजट मिलता है। यह बजट भेजे गए प्रस्ताव के सापेक्ष कम होता है। सीमित बजट से प्राथमिकता के आधार पर नहरों और गूल की मरम्मत कराती है।
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Iमुकेश बहुगुणा, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग डाकपत्थरI
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