फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   most illegal pensioners in uttarakhand

केंद्र का खुलासा, देश में सबसे अधिक अवैध पेंशनर उत्तराखंड में

Thu, 17 Aug 2017 01:38 PM IST
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 17 Aug 2017 01:38 PM IST
विज्ञापन
most illegal pensioners in uttarakhand
पेंशन

केंद्र के नेशनल सोशल असिसटेंस प्रोग्राम (एनएसएपी) के तहत पेंशन ले रहे प्रदेश के 74742 पेंशनरों के आधार अवैध पाए गए हैं। एनएसएपी की वेबसाइट पर अपलोड किए गए कुल डेटा के सापेक्ष ये आंकड़ा करीब 57 फीसदी है। 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में अवैध पेंशनरों की ये तादाद सबसे अधिक है।

विज्ञापन


केंद्र सरकार ने पेंशन खातों से लिंक आधार नंबर के वेरिफिकेशन से यह फर्जीवाड़ा पकड़ा है। अवैध पेंशनरों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या बिहार की है, जहां 48842 पेंशनरों के आधार अवैध पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद केंद्र सरकार से अवैध पाए गए पेंशनरों का जिलावार ब्यौरा देने को कहा जा रहा है ताकि उन कारणों की पड़ताल की जा सके, जिसके चलते आधार को अवैध करार दिया गया। फिलहाल केंद्र की ओर से राज्य सरकार को सूची दे दी गई है।
विज्ञापन


एनएसएपी के तहत दो लाख 65 हजार पेंशनरों को विभिन्न योजनाओं में पेंशन दी जा रही है। इनमें से अब तक एक लाख 30 हजार 382 पेंशनरों के आधार एनएसएपी की वेबसाइट पर अपलोड किए जा चुके हैं। इनमें से 57 फीसदी आधार अवैध हैं। यूनिक आइडेंटिफिकेशनल अथारिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीए) ने आधार के सत्यापन में केवल 55,570 पेंशनरों का आधार ही वैध माना है। बुधवार को सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की समीक्षा बैठक के दौरान केंद्र सरकार के अपर सचिव ने प्रदेश सरकार को अवैध आधार की जानकारी दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

प्रदेश के लाखों पेंशनर का भी हो सकता सत्यापन

most illegal pensioners in uttarakhand
money

राज्य सरकार द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं से जुड़े लाखों पेंशनरों के खाते भी आधार से लिंक हो चुके हैं। मगर अभी इनका सत्यापन नहीं हुआ है। केंद्र सरकार के सत्यापन में हजारों पेंशनरों के आधार अवैध पाए जाने के बाद अब प्रदेश सरकार भी सत्यापन करवा सकती है। आधिकारिक सूत्रों ने इसके संकेत दिए हैं। 

एक लाख पेंशनरों की जांच जारी 
समाज कल्याण विभाग की पेंशन ले रहे उन करीब एक लाख पेंशनरों की जांच चल रही है, जिन्होंने अपने खाते आधार से लिंक नहीं किए। विभाग पता लगा रहा है कि आधार से लिंक न करने की वजह कहीं कोई फर्जीवाड़ा तो नहीं है। 

अवैध आधार वाले पांच राज्य 
राज्य-कुल पेंशनर-अवैध आधार
उत्तराखंड- 130382-74742
बिहार-7,00649-48,842
मध्यप्रदेश-16,66,976-32,183
ओडिसा-13,00006-23,775
पश्चिम बंगाल-13,83,890-22,991
छत्तीसगढ़-7,58,880-22,054
उत्तरप्रदेश-12,62,199-13967
हिमाचल प्रदेश-81733-3,150

अवैध आधार की संख्या बहुत अधिक है। इस बात का पता लगा जाएगा कि अवैध ठहराए गए आधार के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं? फार्म भरने, उन्हें अपलोड करने या आधार में कोई त्रुटि होने की वजह से तो नहीं आधार को अवैध ठहराया गया। इनमें से कोई भी संभावना हो सकती है। अवैध ठहराए गए आधार संख्या वाले पेंशनरों की क्रास वेरिफिकेशन पूरा होने तक पेंशन रोकी जा सकती है। 
- मनोज चंद्रन, अपर सचिव, समाज कल्याण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed