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मॉर्निंग वॉक पर मिले हाथी तो उसे न कहें 'गुड मॉर्निंग'
नरेश थपलियाल/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Mon, 11 Nov 2013 08:11 PM IST
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मॉर्निंग वॉक अच्छी सेहत के लिए सबसे सटीक माना जाता है। लेकिन अगर आप जंगल से सटे रास्तों पर मॉर्निंग वॉक करते हैं तो जंगली जानवरों से बचके रहना बेहद जरूरी है।
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हाथी मस्तकाल में
इस समय हाथियों का मस्तकाल चल रहा है, ऐसे में हाथी अपनी शांति में खलल पड़ने पर जंगलों की ओर मॉर्निंग वाक कर रहे लोगों पर हमला कर सकते हैं। उत्तराखंड के वन विभाग ने लोगों को उक्त मार्ग पर पैदल नहीं चलने की सलाह दी है।
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डेंजर जोर घोषित
हाथी बाहुल्य क्षेत्र से जुड़े मार्गों पर सुबह लोग वाक पर निकल जाते हैं। जबकि, वन विभाग ने इन मार्गों को खतरनाक क्षेत्र घेषित किया हुआ है। बावजूद लोग डेंजर जोन में सैर सपाटा कर खतरा मोल ले रहे हैं। वन कर्मियों के अनुसार मॉर्निंग वाक के समय हाथी कई बार लोगों को दौड़ा चुका है।
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मगर, लोग इन घटनाओं से सबक लेने की बजाए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, अब भी लोगों को हाथी बाहुल्य क्षेत्र में मुंह अंधेरे में सैर करते देखे जा सकते हैं, जो कि खतरनाक है।
ये हैं डेंजर जोन
कोटद्वार-दुगड्डा राजमार्ग पर डीएफओ कार्यालय से नर्सरी तक अक्सर हाथी सड़क क्रास कर अन्य बीटों में आवागमन करते हैं। स्नेह रोड पर ग्रास्टनगंज से आगे पूरा हाथी बाहुल्य क्षेत्र है। झंडीचौड़ के यूपी सीमा क्षेत्र, कुंभीचौड़ और लालपानी क्षेत्र के अलावा पुलिंडा मार्ग पर हर वक्त हाथियों की मौजूदगी के कारण विभाग ने इन क्षेत्रों को डेंजर जोन घोषित कर रखा है।
हाथी मस्तकाल के दौरान एकांत पसंद करता है। ऐसे में अगर कोई उसके कॉरीडोर में दखल देता है तो वह आक्रोशित हो जाता है। ऐसे में इन दिनों तड़के और शाम को हाथी बाहुल्य क्षेत्र में टहलना खतरे से खाली नहीं है। - एसपी कंडवाल, कोटद्वार