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Monsoon 2020 : मानसून से पहले दुरुस्त नही हो सकीं सड़कें, आठ फीसदी सड़कों का भी नहीं हो सका नवीनीकरण
Wed, 24 Jun 2020 04:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 24 Jun 2020 04:27 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में मानसून पहुंच चुका है, मगर जगह जगह से उधड़ी सड़कों के दिन नहीं बहुर सके। कोविड-19 की महामारी और लॉकडाउन के संकट ने लोक निर्माण विभाग की मशीनरी को पूरी तरह से जाम कर दिया। काम के तीन महीने हाथों से ऐसे निकले कि अब पूरी ताकत झोंकने के बाद भी विभाग सड़कों को दुरुस्त करने का टारगेट शायद ही पूरा कर पाएगा।
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कोरोना काल के कारण सड़कों के रिन्यूवल का लक्ष्य आठ फीसदी भी हासिल नहीं हो सका और सड़कों के पैचवर्क कार्य लक्ष्य के सापेक्ष महज साढ़े 16 फीसदी ही हो पाए। अब बारिश शुरू होने के बाद समूचा विभाग आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर उतरेगा। बरसात में सड़कों की मरम्मत के कार्य वैसे भी नहीं हो पाएंगे। यानी अब प्रदेश की सड़कों की हालत में सुधार मानसून गुजर जाने के बाद ही आ सकेगा।
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हर साल की तरह इस साल भी लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश की सभी सड़कों के नवीनीकरण और उनकी मरम्मत का लक्ष्य तय किया था। लेकिन सबसे अधिक काम के महीनों में कोविड-19 महामारी ने प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले लिया। मार्च, अप्रैल, मई महीने में लोक निर्माम विभाग ने सड़कों का कायाकल्प करने का जो लक्ष्य रखा था, उस पर काम भी शुरू नहीं हो सका।
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विभागीय समीक्षा बैठक के कार्यवृत्त के अनुसार, देहरादून, पौड़ी और अल्मोड़ा के क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं ने लक्ष्य के सापेक्ष बेहद सुस्त प्रगति का ठीकरा कोरोनाकाल में लगे लॉकडाउन पर फोड़ा और श्रमिकों की कमी को जिम्मेदार बताया। बैठक में लक्ष्य के सापेक्ष खराब प्रगति के लिए अफसरों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। हालांकि अधिकारियों ने लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने का वादा किया है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून दस्तक दे देगा। ऐसे में युद्धस्तर पर शुरू करने के बावजूद सड़कों के नवीनीकरण और मरम्मत के कार्य शायद ही पूरे हो पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, विभाग की ओर से सुस्ती बरतने को जिम्मेदार अफसरों को फटकार भी लगाई गई। बरसात शुरू होते ही लोनिवि मानसून की चुनौती से जूझेगा।
आंकड़ों में प्रोग्रेस रिपोर्ट
4600 किमी सड़कों का पैच वर्क का लक्ष्य रखा था
764 किमी पैच वर्क ही हो सका, बाकी पर काम जारी
1227 किमी सड़कों का नवीनीकरण का लक्ष्य बनाया
96 किमी सड़कों का ही नवीनीकरण का कार्य हो सका