फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Momo Challenge suicide game cbse issues advisory to schools in roorkee

ब्लू व्हेल के बाद अब इस नए सुसाइड गेम ने उड़ाई सीबीएसई की नींद, आपके बच्चे में भी तो नहीं ये लक्षण?

Thu, 27 Sep 2018 11:02 AM IST
विशाल चौधरी/अमर उजालका, रुड़की
विशाल चौधरी/अमर उजालका, रुड़की Updated Thu, 27 Sep 2018 11:02 AM IST
विज्ञापन
Momo Challenge suicide game cbse issues advisory to schools in roorkee
Momo Challenge

यदि आपका बच्चा ऑनलाइन गेम खेलने में दिलचस्पी रखता है तो सतर्क हो जाइए। इन दिनों ब्लू व्हेल गेम की तर्ज पर मोमो चैलेंज बच्चों की अपनी गिरफ्त में ले रहा है। ब्लू व्हेल की तरह यह गेम भी जानलेवा साबित हो सकता है। यही कारण है कि सीबीएसई ने स्कूलों में बच्चों को इस संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

विज्ञापन


कुछ महीनों पहले ब्लू व्हेल गेम से कई मौतों के बाद शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस ने भी स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरूक किया था। इसके लिए थाना और कोतवाली में महिला दारोगाओं की जिम्मेदारी तय की गई थी।
विज्ञापन


हालांकि, ब्लू व्हेल गेम का कोई मामला रुड़की और आसपास से संज्ञान में नहीं आया था, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। इसी तरह अब मोमो चैलेंज ने दस्तक दी है। यह गेम भी पूरी तरह ब्लू व्हेल की तर्ज पर है। ऑनलाइन खेला जाने वाला यह गेम भी बहुत खतरनाक है। हारने पर अपने आप को सजा देनी होती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

सीबीएसई ने बच्चों को जागरूक करने के दिए निर्देश

पहले और दूसरे स्टेज में हारने पर शारीरिक यातना देनी होती है जबकि अंतिम स्टेज पर हारने पर आत्महत्या तक पहुंचा देता है। मोमो चैलेंज गेम के संबंध में बच्चों को जागरूक करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को आदेश जारी किए हैं ताकि बच्चे गेम के हानिकारक परिणामों से परिचित हो सकें। बोर्ड के आदेश मिलने के बाद शहर के कई स्कूलों बच्चों को इस गेम के नुकसान बताए जा रहे हैं।

इस बाबत सीबीएसई की ओर से ई मेल के माध्यम से आदेश आए थे, जिसके बाद बच्चों को जागरूक किया गया है। साथ ही असामान्य व्यवहार करने वाले बच्चों पर विशेष निगाह रखी जा रही है।
-माला चौहान, सिटी कोऑर्डिनेटर, सीबीएसई 
 

मोमो चैलेंज खेलने वालों के लक्षण

स्कूलों ने तो बच्चों की सुरक्षा की मद्देनजर जागरुकता अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन अभिभावकों को भी बच्चों पर विशेष ध्यान रखना होगा। यदि बच्चा असामान्य व्यवहार करता है, तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत मनोवैज्ञानिक की सलाह लें। बच्चों को अकेला न छोड़ें।  

मोमो चैलेंज खेलने वालों के लक्षण
असामान्य व्यवहार करना
शरीर पर कोई निशान होना 
बच्चे का अक्सर सुस्त रहना 
बच्चे का चिड़चिड़ा हो जाना 
अक्सर का अकेले रहना आदि
 

क्या है मोमो चैलेंज?

ऐसा कहा जा रहा है कि यह चैलेंज पहले फेसबुक पर शुरू हुआ जहां लोगों को एक अनजान आदमी से अनजान नंबर के जरिए संवाद करने को कहा गया। ऐसी खबरें हैं कि इस गेम का लिंक वॉट्सऐप के जरिए प्रसारित हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, अगस्त में अर्जेंटीना में इस चैलेंज से पहली मौत का मामला सामने आया। वहां 12 साल की एक लड़की ने अपने टास्क को फोन पर फिल्माया और इसके बाद सूइसाइड कर लिया। अर्जेंटीना पुलिस ने इसके बाद अभिभावकों से अपने बच्चों की मॉनिटरिंग करने को कहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed