देहरादून: मोहकमपुर-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड के नए अलाइनमेंट पर विरोध, संपत्तियां दायरे में आने से अटका रास्ता
मोहकमपुर-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना के नए अलाइनमेंट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। रेलवे लाइन के समानांतर प्रस्तावित मार्ग की जद में संपत्तियां आने से प्रभावित लोग आंदोलन कर रहे हैं। अब 24 अक्तूबर को प्रशासन, एनएचएआई और प्रभावितों के बीच वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश होगी।
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मोहकमपुर आशारोड़ी एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के लिए निकाले गए सहूलियत के मार्ग पर एनएचएआई के कदम ठिठक सकते हैं। एनएचएआई ने हरिद्वार बाईपास को छोड़कर मियांवाला से रेलवे लाइन के समानांतर अजबपुर तक नया अलाइनमेंट किया था। अब इस नए मार्ग की जद जिन लोगों की संपत्तियां आई हैं उनका विरोध शुरू हो गया है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा बनाकर लोगों ने दो दिनों तक धरना दिया। इसके बाद अब प्रशासन ने प्रभावित लोगों और एनएचआई के बीच वार्ता कराकर समाधान निकालने का प्रयास शुरू किया है। इसके लिए 24 अक्तूबर को कलेक्ट्रेट में महत्वपूर्ण बैठक होनी है।
दरअसल, एक्सप्रेस वे बनने के बाद हरिद्वार बाईपास और शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए आशारोड़ी से मोहकमपुर तक एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाना है। करीब 12 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को पहले हरिद्वार बाईपास से रिस्पना होते हुए बनाया जाना था।
इस पर जब मंथन हुआ तो पता चला कि यहां अगर निर्माण हुआ तो रिस्पना तिराहे पर निर्माण के दौरान अनावश्यक दबाव पड़ेगा। इसके अलावा बड़ी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा। इससे प्रक्रिया और अधिक लंबी हो जाएगी। लिहाजा एनएचएआई ने इसका एक हल निकाला और एलिवेटेड कॉरिडोर को मियांवाला से रेलवे लाइन के समानांतर अजबपुर फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड निकालने का प्लान बनाया।
बद्रीपुर की सैकड़ों संपत्तियों पर निशान लगाए गए
करीब तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग की जद में कम से कम जमीन आने का अनुमान था। इसके लिए प्राधिकरण ने काम भी शुरू कर दिया जिसके क्रम में प्रभावित संपत्तियों पर निशान भी लगा दिए गए। इनमें फ्रेंड्स एन्क्लेव, दून विहार, बद्रीपुर की सैकड़ों संपत्तियों पर निशान लगाए गए हैं। इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा इस प्रोजेक्ट के दायरे में आ रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी जीवन भर जोड़ी गई कमाई के बाद उन्होंने मकान बनाए और वे ही अब इसकी जद में आ जाएंगे। इससे उन्हें बड़ा नुकसान होगा। लिहाजा लोगों ने विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। अब अगर विरोध लंबा चला और कोई बीच का रास्ता नहीं निकला तो प्राधिकरण का यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ सकता है।
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बीच का रास्ता निकालने के लिए प्रशासन ने कदम उठाया
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने बताया कि इस मामले में बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी और एनएचएआई की संयुक्त टीम ने विधानसभा के बाहर मोहकमपुर–आशारोड़ी एलिवेटेड रोड संघर्ष समिति के बैनर तले धरना-प्रदर्शन कर रहे प्रभावितों एवं हितधारकों से वार्ता की थी। वार्ता में तय किया गया कि 24 अक्तूबर को कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मोहकमपुर–आशारोड़ी एलिवेटेड रोड संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं प्रभावित पक्ष और एनएचएआई के प्रतिनिधि उपस्थित होकर अपना-अपना पक्ष रखेंगे। इससे संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करने और पक्षकारों की बात सुनने का अवसर मिलेगा।