उत्तराखंड: तीन दिन प्रवास पर मोहन भागवत, कहा- समाज में अच्छा काम करने वालों को जोड़ा जाए
आम्रपाली संस्थान में नगर संचालक विवेक कश्यप और संस्थान के संजय ढींगरा और नरेंद्र ढींगरा आदि ने मोहन भागवत का स्वागत किया। शनिवार सुबह सात बजे से बैठकें शुरू हो गईं।
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आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि जो लोग शाखाओं में नहीं आते हैं लेकिन समाज में अच्छा काम करते हैं, उनको भी संगठन से जोड़ा जाए। सज्जन शक्तियों और देश की चिंता करने वालों को भी संघ से जोड़ा जाए। भागवत ने यह बात शनिवार को लामाचौड़ स्थित आम्रपाली संस्थान में संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में कही।
तीन दिनी प्रवास पर हल्द्वानी पहुंचे भागवत ने शाखाओं को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। बैठक का दौर सुबह से शुरू हो गया था। सुबह आरएसएस के संगठन और दोपहर बाद जागरण श्रेणी के छह विभागों की बैठक हुई। इसमें संघ के आयाम- धर्म जागरण, ग्राम विकास, गो संवर्द्धन, कुटुंब प्रबोधन, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, सामाजिक सद्भाव कार्यक्रमों की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा की गई।
इसके अलावा 2024 के तहत किए जाने वाले कार्यों और गतिविधियों, संघ के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय समेत अन्य विषयों पर चर्चा हुई। जो लोग संघ से जुड़ना चाहते हैं, उनको सक्रिय करने पर भी मंथन हुआ। बैठक में क्षेत्र प्रचारक महेंद्र, क्षेत्र कार्यवाह शशिकांत दीक्षित, प्रांत प्रचारक युद्धवीर, प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल आदि शामिल हुए।
आज परिवार प्रबोधन कार्यक्रम
रविवार को परिवार प्रबोधन कार्यक्रम रखा गया है। इसमें एक हजार परिवारों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को आरएसएस सरसंघ चालक मोहन भागवत संबोधित करेंगे। इसको लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। इसका सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया जाएगा।
अच्छे लेख हिमालय हुंकार पत्रिका में होंगे प्रकाशित
विभिन्न क्षेत्रों में जो लोग अच्छा काम कर रहे हैं, उनके लेख हिमालय हुंकार पत्रिका में प्रकाशित किए जाएंगे। संघ पदाधिकारियों के अनुसार इसके जरिये अन्य लोगों को प्रेरित करने की मंशा भी है। इस पत्रिका के विशेषांक का नाम भी अच्छे लोग, अच्छा काम रखा गया है। इस पत्रिका का एक नवंबर को विमोचन होगा।
संगठन और समाज के बीच मजबूत सेतु तैयार करने की कोशिश में संघ
आरएसएस समाज और संगठन के बीच मजबूत सेतु तैयार करने की कवायद में जुटा हुआ है। संगठन का मानना है कि धर्म जागरण, ग्राम विकास, गो संवर्द्धन, कुटुंब प्रबोधन, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और सामाजिक सद्भाव जैसे कार्यक्रमों के जरिये आम लोगों तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। संघ का प्रयास है किइन सात कार्यक्रमों से जुड़ा कोई न कोई कार्यक्रम हर गांव में जरूर हो।
संघ पहली बार ऐसा परिवार प्रबोधन कार्यक्रम करने जा रहा है, जिसमें एक-दो नहीं बल्कि एक हजार परिवार जुटेंगे। इसके लिए व्यापक तैयारियां की गईं हैं। करीब एक पखवाड़े पहले वार्ड से लेकर गांवों तक में हर परिवार तक संघ के कार्यकर्ता पहुंच चुके हैं। इनमें परिवार का चयन करने से लेकर एप के माध्यम से पंजीयन कराने संबंधी प्रक्रिया को पूरा कराया गया। कार्यक्रम में परिवार के साथ लोग आरएसएस सरसंघ चालक मोहन भागवत को देख-सुन सकेंगे। यह कार्यक्रम सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव भी दिखाया जाएगा।
समाज में अपना आधार और मजबूत करने के साथ ही संगठन विस्तार को लेकर भी संघ मंथन कर रहा है। आरएसएस के सात कार्यक्रम इसी उद्देश्य से तय किए गए हैं। कार्यक्रम में जल एवं पर्यावरण जैसे नए विषयों को जोड़ा गया है। इसके तहत जल और पर्यावरण की दिशा में काम करने वाले लोगों को संघ से जोड़ने की मंशा है। पारस्परिक सहयोग से समाज के लिए और क्या बेहतर किया जा सकता, ये संभावनाएं भी तलाशी जा रहीं हैं।
स्थानीय रोल मॉडलों (अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट तौर पर कार्य कर रहे लोग) के जरिये भी दूसरों को प्रेरित करने की योजना है। बताया जा रहा है कि भागवत के तीन दिन के प्रवास के दौरान संघ के सात कार्यक्रमों की समीक्षा होगी और आगे की कार्ययोजना पर मंथन होगा। संघ के एक पदाधिकारी का कहना है कि सात कार्यक्रमों में से कम से कम एक कार्यक्रम हर गांव में हर हाल में कराया जाना है।