{"_id":"fe9a22140ee8413a86f365d8703bf3b2","slug":"modi-rally-in-dehradun-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी ब्रिगेड ने सैनिकों संग मिलाई कदमताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी ब्रिगेड ने सैनिकों संग मिलाई कदमताल
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 16 Dec 2013 09:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिल्ली में काबिज होने के लिए भाजपा सैनिकों के साथ-साथ कदमताल करती दिखी।
विज्ञापन
फौज से लोगों का भावनात्मक जुड़ाव
रविवार को शंखनाद रैली में नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पूर्व सीएम रिटायर्ड मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को भी तरजीह दी। यह इस बात का संदेश भी है कि भाजपा सैनिकों के साथ है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में सेना न केवल पेशा, बल्कि परंपरा है। फौज से लोगों का भावनात्मक जुड़ाव है।
उत्तराखंड की कुल आबादी का 10 फीसदी हिस्सा सैनिकों और उनके आश्रितों का है। दोनों नेताओं ने इसी नब्ज को पकड़ा भी। मोदी ने दिखाया सेना में अफसर बनने का सपना रैली में नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के युवाओं को सेना में अफसर बनने का सपना दिखाया।
विज्ञापन
सेना में अफसर बनने का दिखाया सपना
मोदी ने मंच से कहा कि गढ़वाल के जवान सेना में अफसर बन सकते हैं। मोदी युवाओं की नब्ज पकड़ने के साथ सैन्य बहुल प्रदेश में युवाओं के लिए सीमित संसाधनों की दुहाई देते दिखे। उनका कहना कि गुजरात वाले सेना में नहीं जाते फिर भी मैंने रक्षा विश्वविद्यालय बनाया है, यह सीधे तौर पर कांग्रेस पर किया गया प्रहार था। कहा कि, उत्तराखंड जनसंख्या के अनुपात में सर्वाधिक फौजी अफसर देता है।
विज्ञापन
यहां ऐसे स्कूल-कॉलेज खोलने से युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने पर किसी सरकार ने चिंता नहीं जताई। मोदी ने कहा कि यहां लोगों की रगों में शौर्य है परंपरा है लेकिन संसाधन नहीं।
फौजियों के दिल को छू गए राजनाथ
राजनाथ सिंह ने जिस तरह अपने संबोधन में सेना और सैनिकों की अनदेखी की बात रखी, वह रैली में आए पूर्व सैनिकों के दिल को छू गई। राजनाथ ने 1962 भारत-चीन युद्ध में बाराहोती तक सेना पहुंचाने और युद्ध की सच्चाई उजागर करने वाली हेंडरसन और ब्रुक्स की रिपोर्ट को दबाने का आरोप भी लगाया।
सरहद पर भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या के मामले पर राजनाथ ने केंद्र को घेरकर सैनिकों के मर्म को कुरेदा। बोले, एक बार सेना के जवानों को खुले हाथ छोड़ दिया जाए तो फिर देखो किस तरह दुश्मन को काट डालते हैं। ‘वन रैंक, वन पेंशन’ पर राजनाथ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी जानते हैं कि किस तरह केंद्र ने सैनिकों को अधिकार से वंचित रखा है। उन्होंने बोफोर्स सहित रक्षा सौदों में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी कांग्रेस को घेरा।