उत्तराखंड: अब एक हेक्टेयर तक वन भूमि का कर सकेंगे हस्तांतरण, केंद्र सरकार ने दी अनुमति
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लंबे समय से एक हेक्टेयर तक की वन भूमि के हस्तांतरण का अधिकार देने की राज्य सरकार की मांग आखिरकार पूरी हो गई है। केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को इसकी अनुमति दे दी है। शासन के स्तर से भूमि हस्तांतरण के नोडल विभाग को इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। यह अधिकार मिलने से वन हस्तांतरण के करीब 60 प्रतिशत मामलों में तेजी आएगी।
राज्य को वर्ष 2003 में एक हेक्टेयर तक की वन भूमि के प्रस्तावों को अपने स्तर से अनुमोदित करने का अधिकार दिया गया था, पर कुछ समय बाद राज्य से यह अधिकार वापस ले लिया गया।
2013 में केदारनाथ की आपदा के बाद प्रदेश सरकार को पांच हेक्टेयर तक की वन भूमि को अपने स्तर पर अनुमोदित करने का अधिकार दिया गया, लेकिन यह अधिकार भी बाद में वापस ले लिया गया। इससे प्रदेश में एक इंच वन भूमि के हस्तांतरण का मामला भी केंद्र पर निर्भर होकर रह गया।
ऑनलाइन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी प्रदेश सरकार को खास राहत नहीं मिल पाई। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से केंद्रीय वन मंत्री प्रकाश जावेड़कर से एक हेक्टेयर तक की वन भूमि के हस्तांतरण का अधिकार राज्य सरकार को देने की मांग की गई थी।
अब केंद्र से यह अनुमति मिलने के बाद वन भूमि हस्तांतरण के मामलों को देख रहे नोडल विभाग ने एक हेक्टेयर तक के प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक वन भूमि हस्तांतरण के 60 प्रतिशत मामले एक हेक्टेयर से कम के ही हैं। सड़क, पेयजल सहित अन्य कामों में इससे काफी तेजी आएगी।
सबसे अधिक लोक निर्माण विभाग प्रभावित
भूमि हस्तांतरण के मामलों को इस समय केंद्र सरकार के पोर्टल परिवेश के माध्यम से निस्तारित किया जा रहा है। वन भूमि हस्तांतरण के 546 मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। 3691 मामलों में 42489 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण राज्य गठन से अब तक किया जा चुका है। लंबित मामलाें में सबसे अधिक लोक निर्माण विभाग के हैं। सालों से मामले लंबित रहने के चलते वन मंत्री हरक सिंह ने जिला स्तर पर जिलाधिकारियों को प्रभागीय वन अधिकारियों से मिलकर प्रस्तावों की हर माह समीक्षा करने का आदेश भी दिया था।
एक हेक्टेयर तक की वन भूमि के हस्तांतरण का अधिकार राज्य सरकार को मिल गया है। इससे राज्य को खासा फायदा होगा। वन भूमि हस्तांतरण के अधिकतर मामले एक हेक्टेयर तक के वन भूमि के हस्तांतरण के ही हैं। अब कई योजनाओं के निर्माण में तेजी आ सकेगी।
- अरविंद सिंह हयांकि , प्रभारी सचिव, वन