{"_id":"84d2c29a041602078d505e283c8647bc","slug":"mobile-hospital-bus","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आपके घर खुद चलकर आएगा अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आपके घर खुद चलकर आएगा अस्पताल
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 16 Nov 2013 09:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी मानते हैं कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन
सचल हॉस्पिटल बस तैनात करने का ऐलान
दुर्गम क्षेत्रों की जनता अब भी चिकित्सकीय सुविधाओं से वंचित है। ऐसे में उन्होंने हर जिले में एक सचल हॉस्पिटल बस तैनात करने का ऐलान किया है। बस में ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल स्टोर समेत सभी सुविधाएं रहेंगी। इसके अलावा सात जिलों में 50 बेड का अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा।
पढ़ें, इधर सीएम कुर्सी से उठे, उधर सचिन आउट
विज्ञापन
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शुक्रवार को श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल की इमरजेंसी के उद्घाटन के दौरान पत्रकार वार्ता में कहा कि सचल हॉस्पिटल बस की व्यवस्था मुख्यमंत्री राहत कोष से की जाएगी। बताया कि गुप्तकाशी, जोशीमठ, गोचर, बागेश्वर समेत सात जिलों में अस्पताल-ट्रामा सेंटर बनेंगे। इससे दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
विज्ञापन
वैज्ञानिक तरीके से होगा विकास
सीएम ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर सेवाओं के लिए जिला अस्पतालों का निजी अस्पतालों टाई-अप कराएंगे। कहा कि ‘मैं चैरिटी नहीं फैसिलिटी चाहता हूं।’ बहुगुणा ने कहा कि वे एक-दो साल नहीं, आगे के सौ साल के मद्देनजर योजनाएं तैयार कर रहे हैं। स्विटजरलैंड की कंपनी को दुर्गम स्थानों पर रोप-वे बनाने के लिए बुलाया है।
पढ़ें, केदारनाथ में अब एक साल बाद होगी शवों की तलाश
अब वैज्ञानिक तरीके से विकास होगा। जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से मैपिंग कराने के बाद सुरक्षित रास्ते बनाए जाएंगे। पुराने रास्ते जो आए दिन भूस्खलन, बारिश में बह जाते हैं, उन्हें बाईपास कर देंगे। उन्होंने कहा कि आपदा के संबंध में शिक्षकों और स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एसडीआरएफ) को कुमाऊं और गढ़वाल में स्टेशन करेंगे।
उत्तराखंड के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिताजी (हेमवती नंदन बहुगुणा) जब यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग से बजट की शुरुआत की थी। इस वक्त प्रदेश का बजट हिमाचल प्रदेश से ज्यादा है।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें---